संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीसी ने एक माह पूर्व सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निजी स्कूल बसों की गहन जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक संबंधित विभाग ने बसों की खामियों को दूर कराने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
वर्तमान में स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं और यह समय बसों की जांच व मरम्मत के लिए उपयुक्त माना गया था। डीसी ने आरटीए विभाग को जून माह में सभी निजी स्कूल बसों की खामियों की जांच और सुधार सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे लेकिन अवकाश शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी जमीनी कवायद शुरू नहीं हो सकी है।
अब तक की गई जांच और खामियां ः आरटीए विभाग की ओर से लगभग 650 निजी स्कूल बसों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 166 बसों में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गई थीं। इन खामियों को दूर कराने के लिए दोबारा निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होनी थी, जो अब तक लंबित है।
पिछले निरीक्षण में मिली थीं गंभीर खामियां
पिछले साल दिसंबर माह में भी आरटीए विभाग ने स्कूल बसों की व्यापक जांच की थी। उस समय बड़ी संख्या में बसों में निम्नलिखित खामियां पाई गई थीं:-
स्पीड कंट्रोलर का न होना
टायरों की खराब स्थिति
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रिफ्लेक्टर और लाइटों में खराबी
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प्राथमिक उपचार किट की अनुपस्थिति
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ड्राइवर व कंडक्टर के वैध लाइसेंस की कमी
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सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र आदि की कमी
इसके बाद संबंधित स्कूल बस संचालकों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश जारी किए गए थे।
बसों का अगला निरीक्षण आगामी सप्ताह में शुरू किया जाएगा, ताकि स्कूल खुलने से पूर्व सभी बसों की तकनीकी व सुरक्षा खामियां पूरी तरह से ठीक करवाई जा सकें।
-अनिल कुमार, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर