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जिले में ब्लैक फंगस से पहली मौत की 17 दिन बाद हुई पुष्टि

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जिले में ब्लैक फंगस से पीड़ित एक साठ वर्षीय व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। इस व्यक्ति की मौत 28 मई को हो गई थी। लेकिन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल से अब मृतक को ब्लैक फंगस की पुष्टि की गई है। पहले उसका नाम कोरोना संक्रमितों से हुई मौत की सूची में जोड़ा गया था। मिली जानकारी के अनुसार 28 मई को अकाल मृत्यु का शिकार हुआ यह व्यक्ति कोरोना संक्रमित तो था ही, साथ में उस समय जांच के दौरान ब्लैक फंगस का भी संदिग्ध माना गया था। उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। अब इस व्यक्ति की रिपोर्टों में ब्लैक फंगस की भी पुष्टि हुई है।
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जिले में ब्लैक फंगस के अब तक छह संदिग्ध पाए जा चुके हैं। उनमें पांच पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इन छह में से अभी तक केवल एक व्यक्ति की ही मृत्यु के बाद ब्लैक फंगस होने की पुष्टि हुई है। इनमें से चार संदिग्ध मई माह में पाए गए थे, जिन्हें जांच के लिए कल्पना चावला अस्पताल करनाल में भेजा गया था। दो संदिग्ध बीते सप्ताह पाए गए हैं।
यह व्यक्ति 10 मई को कोरोना संक्रमित पाया गया था। जो शुगर से भी पीड़ित बताया गया है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान व्यक्ति ने स्टीरॉउड दवाइयों का प्रयोग भी किया। जब कुछ दिनों बाद व्यक्ति में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दिए तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे जांच के लिए करनाल भेजा गया। जांच के कुछ दिन बाद व्यक्ति की मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि व्यक्ति की ब्लैक फंगस से संबंधित रिपोर्ट अभी उनके पास आई है। इसमें उसके ब्लैक फंगस होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अब जिले में पांच और ब्लैक फंगस के संदिग्ध केस हैं, जिनकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
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