संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सेशन जज अनूपमिश मोदी ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के दोषी एक पिता को अंतिम सांस तक कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसी मामले में एक अन्य दोषी को 20 साल की कैद औैर 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा की गई है।
जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की सजा अलग से भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने डीएलएसए की मार्फत पीडि़ता को सात लाख रुपये मुआवजे के भी आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, पीडि़त लड़की के पिता ने ही थाना गुहला में 13 मई 2023 को लडक़ी की गुमशुदगी की रपट दर्ज करवाई थी।
पिता ने रपट में कहा था कि उनकी नाबालिग बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। उन्होंने उसकी कई जगह तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन राजेंद्रा अस्पताल पटियाला से पुलिस को सूचना मिली कि रेप की शिकार एक नाबालिग लड़की यहां दाखिल है।
इस पर दुर्गा शक्ति महिला थाना की इंचार्ज सुदेश पुलिस टीम के साथ राजेन्द्रा अस्पताल पटियाला पहुंची और पीडि़त लडक़ी के बयान कलमबद्ध किए। लड़की ने बताया कि उसका पिता ही उसे अंबाला लेकर गया था। वहां उसके पिता ने अनेक बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसके पिता ने कैथल व गुहला में भी उसके साथ रेप किया। सीडब्ल्यूसी में काउंसलिंग के दौरान लड़की ने बताया कि एक अन्य युवक गुरजंट ने भी अप्रैल 2022 में उसके साथ रेप किया। दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ दी और धारा 365 आईपीसी हटा दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर दिया और चालान बनाकर अदालत के हवाले कर दिया।
अदालत ने दोनों पक्षोंं को सुनने के बाद दोनों को दुष्कर्म का दोषी पाया और अपने 62 पेज के फैसले में पिता को अंतिम सांस तक और गुरजंट को 20 साल की सजा सुनाई। पिता को एक लाख और गुरजंट को 50 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। मामले में कुल 21 गवाह पेश किए गए। लड़की इस समय नारी निकेतन में है जबकि दोनों दोषी जेल में हैं।