शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अधिकारी व संघ के पदाधिकारी। विज्ञप्ति
कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के 23 सितंबर को पानीपत में प्रदर्शन के बाद चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में शिक्षकों की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विजय कुमार दहिया, निदेशक माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार और निदेशक मौलिक शिक्षा मनिता मलिक बैठक में मौजूद रहे।
संघ के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, जिला प्रधान रामफल दयोहरा और जिला सचिव अमरनाथ किठाणिया ने बताया कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त अध्यापकों के लिए टेट की अनिवार्यता के संबंध में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि टेट परीक्षा के आधार पर किसी शिक्षक का रोजगार नहीं छीना जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि रोजगार पर आंच आई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने और 11 अगस्त के मुख्य सचिव के पत्र के अनुसार मामले मंगवाने पर सहमति बनी। जेबीटी के 10 वर्षों से लंबित तबादलों को प्राथमिकता देने की मांग पर विभाग ने अन्य तबादलों के बाद जेबीटी व सीएंडवी के अंतर्जिला तबादले और फिर सामान्य तबादले करने की बात कही। बैठक में 4600 प्राथमिक स्कूलों में पहले चरण में चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित करने, गैर शैक्षणिक कार्यों को कम करने, लंबित एसीपी, मेडिकल, सीसीएल व पे प्रोटेक्शन मामलों के समाधान के लिए सिटिजन चार्टर बनाने पर भी सहमति बनी। सेवा नियमों में संशोधन के लिए 28 सितंबर को बैठक होगी। स्कूल मर्जर के मुद्दे पर पूर्ण सहमति नहीं बन सकी। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघ ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अधिकारी व संघ के पदाधिकारी। विज्ञप्ति