संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की दो होनहार बॉक्सिंग खिलाड़ी अंजली और शीतल ने राजस्थान के भरतपुर में 5 दिसंबर को संपन्न हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। मुक्केबाजी की प्रतियोगिता में अंजली ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक, जबकि शीतल ने 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
दोनों खिलाड़ी शहर के इंडोर स्टेडियम, कैथल में नियमित अभ्यास करती हैं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर की इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों ने हिस्सेदारी की थी।
जिले से कुल चार खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें से दो खिलाड़ियों ने पदक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया। अन्य दो खिलाड़ियों में प्रिंस (92 किलो वर्ग) और निकिता (48 किलो वर्ग) ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भागीदारी निभाई।
सभी खिलाड़ी अंबाला रोड स्थित आरकेएसडी कॉलेज में संचालित बॉक्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में कोच गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हैं। कोच गुरमीत सिंह ने बताया कि अंजली और शीतल पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं।
पांच साल पहले थामा था दस्ताना, अब अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण है लक्ष्य : बॉक्सर अंजली ने बताया कि उन्होंने लगभग पांच वर्ष पहले बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना और भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना है। वह वर्तमान में आरकेएसडी कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रही हैं और खेल के साथ-साथ शिक्षा पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं।
अंजली मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं, लेकिन बॉक्सिंग के बेहतर प्रशिक्षण के लिए पिछले करीब पांच वर्षों से कैथल में किराये पर रह रही हैं।
इसी वर्ष नोएडा में आयोजित सीनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। इससे पहले पंजाब में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। साथ ही यूथ नेशनल बॉक्सिंग स्पर्धा में वह पहले ही तीन पदक जीत चुकी हैं।
अंजली के पिता राजवीर किसान हैं और परिवार की ओर से उन्हें पूरा सहयोग मिलता है। इसी प्रकार पट्टी अफगान निवासी शीतल भी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। उनके पिता हरियाणवी गायक कर्मबीर फौजी हैं, जबकि उनकी माता सोनिया वर्तमान में जिला परिषद की उप-प्रधान हैं।
कोच गुरमीत सिंह ने बताया कि अंजली और शीतल पिछले पांच वर्षों से कैथल में कठिन परिश्रम कर रही हैं और अब उनकी मेहनत रंग ला रही है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों में शुरु से ही कुछ बड़ा करने का जुनून रहा है, उन्होंने कभी कठिनाइयों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, यही वजह है कि आज वे इस मुकाम तक पहुंची हैं। आने वाले समय में ये दोनों खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम और रोशन करेंगी।
-गुरमीत सिंह, बॉक्सिंग कोच