कैथल। लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाकर एक व्यक्ति की मौत और अन्य लोगों को घायल करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तुषार शर्मा की अदालत ने दोषी सुखमीत को सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण दोषी को प्रभावी रूप से दो साल की कठोर कैद भुगतनी होगी।
अदालत ने 19 अगस्त 2026 को सुखमीत को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338 और 304-ए और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 196 के तहत दोषी ठहराया था। 21 अगस्त को सजा पर सुनवाई के दौरान दोषी की ओर से नरमी बरतने का लाभ देने की मांग की गई। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कानून के अनुसार सजा देने की मांग की। अदालत ने मांग खारिज करते हुए कहा कि दोषी ने वाहन को लापरवाही और तेज गति से चलाया जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ा और लोगों को चोटें आईं। हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हुई। अदालत ने इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए प्रोबेशन का लाभ देना उचित नहीं समझा।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा
धारा 279 में छह महीने की कठोर कैद और 100 रुपये जुर्माना, धारा 337 में छह महीने की कठोर कैद और 100 रुपये जुर्माना और धारा 338 में एक साल की कठोर कैद और 300 रुपये जुर्माना लगाया गया। धारा 304-ए के तहत दो साल की कठोर कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 196 के तहत दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। अदालत के आदेश के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जांच या सुनवाई के दौरान दोषी की ओर से पहले बिताई गई हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।