संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में बिना नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारतें खड़ी करने का सिलसिला लगातार जारी है। नगर परिषद क्षेत्र में चार से पांच मंजिल तक के कई रिहायशी और व्यवसायिक भवन नियमों की अनदेखी करते हुए तैयार किए जा रहे हैं। इस पर अब नगर परिषद ने सख्ती दिखाते हुए 55 भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें से पांच के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद इन भवनों को सील किया जाएगा और संबंधित मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिषद के सर्वे में सामने आया है कि ये बिना नक्शे के निर्माण ढांड रोड, करनाल रोड, जींद रोड और पुराने शहर के क्षेत्रों में हो रहे हैं। इनमें रिहायशी और व्यवसायिक, दोनों प्रकार की इमारतें शामिल हैं। कुछ मामलों में पहले भी नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन मालिकों ने निर्माण कार्य जारी रखाबा वजूद इसके कई भू-स्वामी नियमों को दरकिनार कर नमाने ढंग से निर्माण कर रहे है ।
परिषद की अनदेखी से बढ़े अवैध निर्माण
नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर में नियमों की खुलेआम ज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मुख्य बाजारों और आसपास के इलाकों में कई बड़ी मारतें बिना मंजूरी के खड़ी की जा रही हैं। इनमें से कुछ भवन ऐसे हैं जहां न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है और न ही एनओसी या नक्शा पास राया गया है। परिषद की लापरवाही का असर न सिर्फ शहर की सुंदरता पर बल्कि उसकी राजस्व आय पर भी पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिना मंजूरी के बेसमेंट तक तैयार किए जा रहे हैं, जबकि परिषद का अमला इस पर आंख मूंदे बैठा है।
निर्माण से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य
नगर निकाय अधिनियम के अनुसार, बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण पूरी तरह अवैध है। परिषद क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति नया मकान, दुकान या भवन बनाना चाहता है तो उसे पहले अपनी रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज की रसीद और अन्य दस्तावेजों के साथ नक्शा पास कराना आवश्यक है। इसके बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाती है। बावजूद इसके कई भू-स्वामी नियमों को दरकिनार कर नमाने ढंग से निर्माण कर रहे हैं, जिससे न केवल प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।
सील किए जाएंगे भवन
सर्वे में चिह्नित किए गए 55 भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिन्होंने निर्धारित अवधि में जवाब नहीं दिया या नक्शा पास नहीं कराया, उनके भवनों को नियमों के तहत सील किया जाएगा। शहर में किसी भी प्रकार की अवैध निर्माण गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएग। -वरुण शर्मा, एमई नगर परिषद