कोहिनूर इंटरनेशनल एकेडमी में वसंत पंचमी का त्योहार मनाते अध्यापक व बच्चे।
गुहला-चीका। कोहिनूर इंटरनेशनल एकेडमी में बसंत पंचमी के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर हिंदी व अंग्रेजी में भाषण के जरिये बच्चों को बसंत पंचमी के इतिहास, महत्व और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता के बारे में अवगत करवाया गया।
बच्चों को बताया गया कि बसंत पंचमी एक ऋतु परिवर्तन का त्योहार है। इस दिन से हमें खानपान में परिवर्तन कर देना चाहिए। इस दिन से सर्दी कम होना शुरू हो जाती है और कहते भी हैं आया बसंत पाला उडंत। इसके बाद शबद गायन, कविता और भजन से बसंत पंचमी का महत्व बताया गया। छोटे बच्चे परंपरा के अनुसार पीले वस्त्र पहन कर आए थे। साथ में पीले रंग का भोजन और फल लाए। अध्यापकों ने भी पीले रंग के कपड़े पहनकर बसंत पंचमी के त्योहार को मनाया । इस अवसर पर एकेडमी की प्रधानाचार्या कंवलजीत कौर बाजवा और चेयरपर्सन डॉ. सुखविंदर कौर ने बच्चों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत में हर दिन एक त्योहार है, चाहे वह धार्मिक, राष्ट्रीय हो या फसलों से संबंधित हो। बसंत पंचमी का अर्थ है ग्रीष्म ऋतु का आगाज । आज से हमें भोजन परिवर्तन के साथ-साथ अपने रहन-सहन तथा आहार-विहार में भी परिवर्तन कर देना चाहिए। उन्होंने बच्चों को आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विद्या की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद लेकर परीक्षा की तैयारी आरंभ करें और इस पर्व को सार्थक बनाएं। इस मौके पर पतंग बनाना, पतंग उड़ाना, फूलों की रंगोली बनाना व सुंदर गुलदस्ता बनाने जैसी प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं। अंत में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।