परिवार में किसी सदस्य की मौत हो जाए और दो दिन तक परिजनों को पता ही न चले। इससे बड़ी विडंबना क्या होगी। कोरोना महामारी में न जाने क्या-क्या देखना बाकि है। कुछ ऐसा ही हुआ एक बुजुर्ग महिला व उसके परिजनों के साथ। जिला अस्पताल में एक कोरोना संक्रमित बुजुर्ग महिला की शनिवार को ही मौत हो गई थी। लेकिन सोमवार दोपहर तक भी परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं दी गई। जिस कारण परिजनों ने सोमवार दोपहर को उन्हें बिना बताए मृतका का अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद अस्पताल इंचार्ज ने बताया कि मृतका की मौत के बाद परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है, बल्कि शव को सुरक्षित रख लिया है। तब जाकर परिजन शांत हुए।
परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार की करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना संक्रमित मिलने के बाद एक मई को नागरिक अस्पताल में आइसोलेट की गई थी। महिला को दाखिल करवाने के बाद वे अपने घर चले गए। करीब दो तीन घंटे बाद ही शनिवार को हालत गंभीर होने के कारण उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने उनको बिना बताए या बुलाए अंतिम संस्कार करवा दिया। जब सोमवार को उन्होंने महिला से मिलने की बात कही तो पता चला कि वह अस्पताल में नहीं है। इसके बाद अस्पताल की प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. रेनू चावला ने कहा कि महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। उसके शव को शवगृह में रखा गया था, जिसे अब परिजनों को दिखाकर नियमों का पालन करते हुए संस्कार करवाया गया। उन्होंने कहा कि महिला के साथ उसका बेटा भी अस्पताल में था, लेकिन वह किसी कारण से घर चला गया। महिला की मृत्यु होते ही परिजनों को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद उस क्षेत्र के अस्पताल में भी सूचना दी गई, लेकिन वहां से भी संपर्क नहीं हुआ। शव को सुरक्षित रखा गया। इसके बाद परिजन शांत हुए। बाद में मृतका का परिजनों की उपस्थिति में संस्कार करवाया गया है।