संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमेरिका से डिपोर्ट हुए कैथल के एक युवक ने बताया कि डंकी रूट से विदेश जाना सबसे बड़ी भूल थी। इस रास्ते से गुजरते हुए जंगलों, नदियों, रेगिस्तानों और बेहद खतरनाक इलाकों से होकर अमेरिका तक पहुंचना पड़ता है।
इस दौरान अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। कई-कई दिनों तक भूखे रहना पड़ता है। हालात ऐसे रहे कि कई बार बिस्कुट खाकर और उसके ऊपर पानी पीकर ही पेट भरना पड़ा। युवक ने अन्य युवाओं से अपील
की कि वे डंकी रूट के जरिए विदेश जाकर अपने पैसे और जिंदगी को दांव पर न लगाएं।
डिपोर्ट हुए एक अन्य युवक के पड़ोसी ने बताया कि युवक का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और खेती-बाड़ी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। बेटे की जिद पर उसे अमेरिका भेजा गया। इसके लिए पिता ने रिश्तेदारी से उधार लिया और ब्याज पर पैसे जुटाए। करीब 40 लाख रुपये खर्च कर युवक को विदेश भेजा गया था। अब उसके डिपोर्ट होने की सूचना मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। युवक फिलहाल घर न लौटकर रिश्तेदारी में बताया जा रहा है।