कलायत। द कैथल केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की किठाना शाखा में लाखों की धोखाधड़ी की बात कही है। राजा राम का कहना है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है। उसने बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 2000 में बैंक में एफडी करवाई थी। कर्मचारियों ने उन्हें बुलाकर कहा कि एफडी पर ब्याज जोड़ना है। इस दौरान कई जगह अंगूठे लगवा लिए। बाद में पता चला कि रुपये निकाल लिए गए।
राजा राम ने बताया कि जब 25 वर्षों का रिकॉर्ड मांगा तो बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें गुमराह कर फर्जी रिकॉर्ड दे दिया। उन्होंने डीसी प्रीति से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं जाने की मांग की है। दूसरी ओर शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्र ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि चेक की संख्या को लेकर कुछ नहीं कह सकते। जो भी रिकॉर्ड मांगा गया वह उपलब्ध करवा दिया गया है।
द केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड कैथल जीएम रणबीर सिंह बैनीवाल ने बताया कि दो बार जांच हो चुकी है। कोई खामी नहीं मिली। संवाद