संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पहलगाम हमले के विरोध में शनिवार को जिले के कलायत, चीका व कैथल शहर में सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कैथल में रिटायर्ड कर्मियों ने पैदल मार्च निकाला। चीका में सामाजिक संस्थानों ने एसडीएम के साथ बैठक की और कलायत में कई स्कूलाें के विद्यार्थियों ने रोष मार्च निकाला। साथ ही श्रद्धांजलि भी दी।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जिले के लोगों में लगातार विरोध बढ़ रहा है। इससे पहले शुक्रवार को स्वर्णकार संघ के आह्वान पर सराफा बाजार बंद किए थे। शनिवार को दोपहर के समय पार्क रोड पर बने शहीद स्मारक में रिटायर्ड कर्मियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इससे पहले रिटायर्ड कर्मी पिहोवा चौक पर एकत्रित हुए। इसके बाद पैदल मार्च निकालते हुए शहीद स्मारक पर पहुंचे।
उधर, राजौंद में जाखौली के एक निजी स्कूल में कश्मीर में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की गई। विद्यालय परिवार ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि देश में कहीं भी होने वाली हिंसा पूरे समाज को झकझोर देती है।
उन्होंने कहा कि पर्यटक हमारे देश की सुंदरता और एकता के प्रतीक होते हैं और उनके साथ हुई इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। छात्र छात्राओं और स्टाफ ने मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कामना की कि भगवान मृतकों की आत्मा को शांति और उनके परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
जिले में नहीं है कोई पाकिस्तानी
सूत्रों के अनुसार कैथल जिले में इस समय पाकिस्तान से आया कोई परिवार या नागरिक नहीं है। जिसे वापस भेजा जाना है। जिले के खरकां गांव में पाकिस्तान की मूल निवासी महिला कई साल पहले भारत आई थी। परंतु इस महिला को 40 साल पहले ही भारत की नागरिकता मिल चुकी है।