संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल बस स्टैंड स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र से तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी चालक हाकम सिंह को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा सोमवार को कार्रवाई की गई थी।
शिकायतकर्ता अंकुश (निवासी गांव बात्ता) ने आरोप लगाया कि चालक हाकम सिंह अनुपस्थिति दर्ज कराने की धमकी देकर अन्य युवाओं से भी रिश्वत मांगता था। कई युवा भय के चलते सामने नहीं आ सके। एसीबी ने इस पूरे मामले में सहयोगी चालक जोरा सिंह की संलिप्तता की भी जांच शुरू कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। रोडवेज प्रबंधन ने आरोपी को निलंबित करने की सिफारिश भी भेज दी है।
मामले की पृष्ठभूमि ः शिकायतकर्ता अंकुश, जो हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण ले रहा था, ने एसीबी से शिकायत की थी कि आरोपी हाकम सिंह रिश्वत की मांग कर रहा है। एसीबी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए बस स्टैंड पर दबिश दी और आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हाकम सिंह पिछले 23 वर्षों से रोडवेज विभाग में बतौर चालक सेवाएं दे रहा था। फिलहाल वह कैथल रोडवेज कोचिंग स्कूल में हेवी लाइसेंसधारी चालकों को प्रशिक्षण देने और परीक्षा में पास या फेल करने की जिम्मेदारी निभा रहा था।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि चालक जोरा सिंह की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ, तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाकम सिंह से पूछताछ जारी है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी की भूमिका की जांच जारी है और अन्य सभी संभावित पक्षों की भी जांच की जा रही है। -इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह