ंवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के जींद रोड पर स्थित हैफेड के गोदाम में गेहूं पर पानी डालने के मामले में नया मोड़ आया है। मुख्यालय व डीएम की गठित टीम ने 18 सैंपल लिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक की जांच में 13 प्रतिशत से अधिक नमी मिली है। वहीं, गेहूं पर पानी डालने का वीडियो वायरल करने वाला चौकीदार सतीश भी सामने आया है। उसने वीडियो जारी कर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश वैद का कहना है कि चौकीदार ने गोदाम का वीडियो वायरल कर सरकार की छवि खराब की है। उन्होंने कहा कि अब उसे हटाने के लिए एजेंसी के साथ पत्राचार किया गया है और मुख्यालय में भी जानकारी भेजी है।
डीएम ने सात सदस्यीय कमेटी का किया गठन ः हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश कुमार ने इस मामले में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसके साथ ही मुख्यालय की टीम ने भी गोदाम में जांच की थी। डीएम की ओर से गठित कमेटी में मैनेजर सुखदीप, मान सिंह, एसओ प्रेम सिंह, सहायक रमेश कुमार, एफआइ बलजीत सिंह, स्टोरेज टेक्निकल आफिसर जसबीर सिंह व मनोज कुमार को शामिल किया गया था। इसी जांच कमेटी गोदाम का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी। इसी रिपोर्ट में नमी की मात्रा 13.5 प्रतिशत बताई है।
मामले में शिकायतकर्ता गोदाम के चौकीदार सतीश कुमार ने वीडियो जारी करके दावा किया कि इसमें कोई झूठ नहीं है। आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी जान-बूझकर इस मामले को दबा रहे हैं। उसे नौकरी से हटाने की भी साजिश चल रही है। वे इस मामले में हैफेड डीएम व एडीसी से भी मिला था, लेकिन सुनवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कई दिन गोदाम में पहले स्प्रे किया था, जो दोबारा आज तक नहीं हुआ है। अब स्प्रे की बात कहकर पानी डालने वाली बात को अधिकारी दबा रहे हैं। उसकी सरकार से मांग है कि मामले की जांच करवाई जाए।
चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर संंबंधित एजेंसी के साथ पत्राचार किया गया है। इस मामले में मुख्यालय में भी जानकारी भेज दी गई है। मामले में मुख्यालय और उनकी ओर से गठित कमेटी की ओर से भी जांच पूरी कर ली गई है। दोनों ही टीमों की रिपोर्ट में गेहूं को भिगोने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। -सुरेश वैद, जिला प्रबंधक हैफेड
गेहूं में नमी का स्तर
गेहूं की कटाई के लिए आदर्श नमी की मात्रा 18 से 20 प्रतिशत के बीच होती है। दरअसल, यह नमी का स्तर अनाज की गुणवत्ता को बनाए रखता है और साथ ही किसानों को जल्दी दोहरी फसल बोने का समय भी देता है। फसल तैयार होने के बाद गेहूं में नमी की मात्रा की निर्धारित सीमा 12 फीसदी है जबकि अनाज मंडियों में आने वाले अनाज में नमी की मात्रा 18 फीसदी तक होती है।