संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उत्कर्ष सोसाइटी, पंचकूला में शुक्रवार को हिंदी भाषा संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आरोही स्कूल, ग्योंग में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने सहभागिता की। डॉ. चावला ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सरकारी विद्यालयों में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है।
इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विद्यालयी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हिंदी भाषा संवर्धन हेतु विभिन्न योजनाएं तैयार की जा रही हैं। शिक्षा निदेशालय पंचकूला की ओर से कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमा खन्ना के नेतृत्व में पूरे हरियाणा से 12 हिंदी विषय विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में हिंदी भाषा की स्थिति को सुदृढ़ बनाना और विस्तृत योजनाओं के माध्यम से इसे नई ऊंचाइयों तक
पहुंचाना है।
राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक अवार्डी डॉ. चावला ने कहा कि हिंदी न केवल हमारी राष्ट्रभाषा है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान का अभिन्न हिस्सा भी है। कार्यशाला के दौरान सभी 12 हिंदी विशेषज्ञों को विभिन्न कार्य योजनाएं तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनमें हिंदी ई-व्याकरण और भाषायी खेलों का विकास प्रमुख है, जिससे छात्रों में भाषा सीखने की रुचि और समझ दोनों बढ़ सके। इस कार्यशाला में डॉ. अश्वनी शांडिल्य, वीरेंद्र गौड़, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. अरविंद कुमार, नूतन वर्मा, डॉ. विजय कुमार और दलवंती सहरावत सहित अन्य गणमान्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।