संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के जवाहर पार्क में नगर परिषद की ओर से विशेष स्वच्छता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनमानस को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।
अभियान के दौरान नगर परिषद के अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने पार्क में टहलने आए नागरिकों और स्थानीय लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन की आईईसी एक्सपर्ट भारती मलिक ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है और इसके कारण भूमि व जल स्रोतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाजार जाते समय अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाएं और प्लास्टिक की थैलियों, स्ट्रॉ तथा डिस्पोजेबल कप-प्लेट का उपयोग पूरी तरह से बंद करें।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद समय-समय पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही दुकानदारों और आम नागरिकों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
पार्क में मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और स्वच्छता की शपथ लेते हुए शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। यदि आज से ही प्लास्टिक का त्याग किया जाए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
सफाई कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शहर की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। इस दौरान मौजूद सफाई कर्मचारियों को उनकी सुरक्षा और कार्यक्षमता को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी सफाई कर्मचारी बिना संपूर्ण ड्रेस और पीपीई किट के कार्य नहीं करेगा। कर्मचारियों को दस्ताने, मास्क, जूते और जैकेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए, ताकि वे गंदगी और रसायनों के सीधे संपर्क में आने से सुरक्षित रह सकें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।