संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत 11 से 18 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान चलाएगा। इसमें एक से 19 वर्ष तक के चार लाख 35 हजार बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों और स्लम एरिया में जाकर गोलियां खिलाएंगे।
अभियान के तहत बच्चों के साथ 20 से 24 वर्ष तक की महिलाओं को भी एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। इस संदर्भ में वीरवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें सभी प्रतिभागी विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रमुख विभाग शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, श्रम विभाग आदि शामिल रहे। अध्यक्षता एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि बच्चों में पेट के कीड़ों की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए साल में दो बार एक से 19 वर्ष तक के बच्चों, और 20 से 24 वर्ष तक की सभी महिलाओं को एक साथ एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है। इस बार राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस 11 फरवरी को मनाया जा रहा है। स्कूलों, आंगनबाडि़यों, शिक्षण संस्थानों के माध्यम से यह गोली खिलाई जाएगी। जो किसी वजह से इस दिन दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें 18 फरवरी को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार लाख 35 हजार बच्चों और किशोरों को भी कृमि-मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पेट में कीड़े होने से बच्चों का शारीरिक मानसिक विकास रुक जाता है। इसलिए यह दवा खिलाई जाती है।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि कीड़ों की वजह से बच्चों व किशोरों में खून की कमी व कुपोषण की समस्या होती है। साल में दो बार एल्बेंडाजोल खिलाने से पेट के कीड़ों से मुक्ति मिलती है और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है। एडीसी ने सभी विभागों को आदेश दिए कि सभी अपनी-अपनी भूमिका को जिम्मेदारी से निभाएं, ताकि कोई भी इससे वंचित ना रह पाए।