संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की हरियाणा शाखा ने बुधवार को मटौर गांव में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को भारतीय मानकों के महत्व से जोड़ना और विशेष रूप से कृषि व घरेलू जीवन में गुणवत्ता मानकों की भूमिका को समझाना था।
बीआईएस आगे और भी गांवों तक ऐसी जानकारियां लोगों तक पहुंचाएगा। मटौर में कार्यक्रम की शुरुआत गांव के सरपंच के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने गुणवत्ता, उपभोक्ता हित और ग्रामीण विकास को लेकर अपनी बात रखी। इसके पश्चात मानक संवर्धन अधिकारी सुश्री आरती चौधरी ने चौपाल के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और अज्ञानता में की जाने वाली खरीदारी से बचने के लिए जागरूकता क्यों जरूरी है।
सुश्री आरती ने ग्रामीणों को नकली या घटिया उत्पादों की पहचान करने और उनसे निपटने के लिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। इसके बाद, भारतीय मानक ब्यूरो के उप निदेशक एवं वैज्ञानिक-सी श्री सौरभ चंद्र ने बीआईएस की प्रमुख गतिविधियों मानकीकरण, प्रमाणन, हॉलमार्किंग और गुणवत्ता संवर्धन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कृषि और घरेलू उत्पादों से संबंधित जरूरी मानकों को भी सरल भाषा में समझाया और बताया कि ये मानक कैसे सुरक्षा, दक्षता और लागत बचत में मददगार हैं।
कार्यक्रम में महिलाएं, किसान, युवा और पंचायती राज प्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने चर्चा में भाग लिया। यह पहल न केवल उपभोक्ता अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है, बल्कि गुणवत्ता संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।