संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कौल में बुधवार को घटते लिंगानुपात पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इसमें कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर जोर दिया गया।
यह बैठक स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें सीएचसी कौल से संबद्ध सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के प्रभारी और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना था। अधिकारियों ने क्षेत्र में इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित किया और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता जताई।
कन्या भ्रूण हत्या बना असंतुलन का प्रमुख कारण ः मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि लिंगानुपात में गिरावट का मुख्य कारण कन्या भ्रूण हत्या है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे अभियानों से कुछ सुधार अवश्य हुआ है, लेकिन इस दिशा में अभी और सख्ती व सतर्कता की जरूरत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव खत्म करना सामाजिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी भ्रूण हत्या की आशंका हो तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचना देना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी ः डॉ. राहुल ने स्पष्ट किया कि प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध हैं। इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं और ऐसे मामलों की जानकारी बिना विलंब विभाग तक पहुंचाएं।