कैथल। शहर में सेक्टरों की जमीन के क्लेक्टर रेट में साल भर में दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से लोगों में रोष व्याप्त है। सेक्टर 19 से 21 व सनसिटी में जमीन के रेट में साल भर में करीब-करीब दोगुनी वृद्धि के कारण लाखों रुपये रजिस्ट्री पर खर्च करने होंगे। लोगों ने विधायक लीला राम व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा से मिलकर एक जनवरी से बढ़ी दरें कम करवाने की मांग की। लोगों का कहना है कि बढ़ी इतनी महंगी दरों पर लोग रजिस्ट्री कैसे करवाएंगे।
विधायक व राज्यमंत्री से मिलने वालों में सेक्टर 19 से सुरेश सिरोही, सेक्टर रेजीडेंटस वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान देवेंद्र सहारण, जगमोहन, प्रवीण बिढाण, महावीर गर्ग, सुनील जैन, सेक्टर 21 से नवीन राठी सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे। सेक्टर 20 के प्रधान देवेंद्र सहारण ने बताया कि इस साल सरकार ने कैथल के सेक्टर 19, 20 व 21 सहित सेक्टर 33 में आने वाले सनसिटी एरिया में क्लेक्टर रेट बढ़ाकर करीब-करीब दोगुने कर दिए हैं। एक अप्रैल को सेक्टर 19 में 14 हजार 500 से बढ़ाकर 20000 की थी। जो अब एक जनवरी 2022 से सीधा 25000 रुपये प्रति वर्ग गज कर दी गई है। इसी प्रकार से सेक्टर 20 के 14500 से छह माह पहले 19000 रुपये प्रति वर्ग गज रेट थे। जो अब 25000 रुपये कर दिए हैं। सेक्टर 21 में 13500 से 18000 रुपये छह माह पहले किए थे। जो अब सीधा 27000 रुपये कर दिए गए हैं। वहीं सनसिटी में 12000 से बढ़ाकर 14000 रुपये किया गया था। अब यह दरें 20000 रुपये प्रति वर्ग गज कर दी गई हैं। जिससे रजिस्ट्री करवाने का खर्च लगभग दोगुना हो गया है।
बाक्स
यह होगा रजिस्टरी करवाने पर असर-
एक उदाहरण के तौर पर यदि किसी को सेक्टर 21 में किसी के नाम रजिस्ट्री करवानी पड़ी तो केवल स्टांप ड्यूटी के तौर पर निम्रलिखित खर्च होंगे। अन्य खर्च इससे अलग होंगे।
पहले अब
छह मरले 2 लाख 04 हजार 3 लाख 04 हजार
आठ मरले 2 लाख 66 हजार करीब 4 लाख
10 मरले 3 लाख 30 हजार 4 लाख 95 हजार
14 मरले 4 लाख 55 हजार 6 लाख 85 हजार
एक कनाल 6 लाख 70 हजार 10 लाख 05 हजार।
बाक्स
प्रॉपर्टी का काम होगा मंदा
प्रॉपर्टी का काम देख रहे साहिल, अश्वनी सहित अन्य ने कहा कि इस तरह से रेट बढ़ जाने के कारण सेक्टरों में प्रॉपर्टी के काम में काफी मंदा आ जाएगा। लोग कैसे जमीनों की खरीद-फरोख्त करेंगे। इससे जमीन की कीमतों में भी ठहराव आएगा। सरकार को चाहिए कि इन रेट को कम करे।
कोट
क्लेक्टर रेट बाजार भाव के हिसाब से तय किए गए हैं। अब एक जनवरी से हर साल रेट बढ़ाए जाएंगे। समिति ने मार्केट रेट के हिसाब से रेट तए किए हैं।
सुदेश मेहरा, तहसीलदार