संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी/कैथल/ढांड। आयुष विभाग की ओर से चलाए जा रहे सूर्य नमस्कार अभियान का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में सरस्वती स्कूल डुलयानी गांव में विवेक कुमार, कनिका आयुष योग सहायकों के माध्यम से सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्््ताओं ने विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सूर्य नमस्कार को जरूरी बताया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि सूर्य नमस्कार के लाभ गिनाए। कहा कि सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। साथ ही मानसिक रूप से शरीर को शांति मिलती है। इससे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है।
प्रधानाचार्य गुरमीत सिंह ने बताया कि हमारे विद्यालय में योग से संबंधित गतिविधियों का समय-समय पर आयोजन करवाया जाता है, ताकि बच्चों की बुद्धि का विकास अच्छे से हो सके और उनका सर्वांगीण विकास हो।
विवेक कुमार आयुष योग सहायक ने बच्चों को सूर्य नमस्कार की ट्रेनिंग के दौरान बताया कि सूर्य नमस्कार 12 आसनों का समूह है, इसमें प्रणाम आसन, हस्तोतानासन, पादाहस्तासन, अश्व संचालन आसन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार भुजंगासन सात आसन को किया जाता है, पांच आसन दो बार दोहराए जाते है। इन सभी आसनों से रक्त का संचार पूरे शरीर में अच्छे से हो जाता है और शरीर मजबूत एवं ताकतवर बनता है।
विद्यालय के पीटीआई रामदिया मौके पर मौजूद रहे। सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण लेने वाली प्रतिभागियों की संख्या 650 रही। डॉ. शकुंतला दहिया ने बताया कि 12 जनवरी से चल रहे सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण एवं पंजीकरण अभियान में कैथल से लगभग 72 हजार लोगों को सूर्य का प्रशिक्षण आयुष योग सहायकों के माध्यम से दिया जा चुका है। सूर्य नमस्कार अभियान का समापन 12 फरवरी को स्वामी दयानंद जयंती पर किया जाएगा।
उधर, चौ. ईश्वर सिंह कन्या महाविद्यालय में वीरवार को शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम लता और पिंकी की अध्यक्षता में कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अमिता राणा ने सभी छात्राओं को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह शिविर 12 फरवरी तक चलना है।
उधर, बाबू अनंत राम जनता महाविद्यालय कौल में स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ ने हर घर सूर्य नमस्कार अभियान के प्रथम दिन डाॅ. पुष्पा ने सूर्य नमस्कार से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार करने से हम मानसिक एवं बौद्धिक रूप से सशक्त बनते हैं। सूर्य नमस्कार करने से विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन, आध्यात्मिकता एवं संयम की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों में सूर्य नमस्कार अभियान को एक महीने तक शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान स्वामी विवेकानंद जयंती 12 जनवरी से स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती 12 फरवरी तक हर घर परिवार सूर्य नमस्कार अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। डाॅ. बृजेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार के बारे में बताया कि यह एक ऐसा आसन है जिसके करने मात्र से एक साथ में अनेक आसन हो जाते हैं। इससे विद्यार्थियों का शारीरिक रूप से व्यायाम के साथ मानसिक व्यायाम भी हो जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का समय है। जिसमें सभी विद्यार्थियों का स्वस्थ रहना नितांत आवश्यक है। दूसरा सभी छात्र अपनी वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी में लगे हुए हैं इसलिए इस समय जरूरत है कि छात्र मानसिक रूप से मजबूत हो।
उन्होंने अनेक क्रियाओं को बताकर शिविर में सूर्य नमस्कार के प्रयोजन को सफल सिद्ध किया।