सब्जी मंडी में रखी सब्जियां। संवाद
कैथल। इन दिनों स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आपूर्ति बढ़ने पर कीमतों में कमी आने से सब्जियां सस्ती हो गई हैं। घीया जो पहले 35 रुपये किलो बिक रहा था, अब घटकर 15 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह टिंडा के दाम भी 40 रुपये से गिरकर 20 रुपये किलो तक आ गए हैं। तोरी की कीमतों में भी भारी कमी आई है और यह अब 50 रुपये से घटकर 25 रुपये किलो पर बिक रही है।
खीरे के दामों में भी कमी आई है। पहले 30 रुपये किलो बिकने वाला खीरा अब केवल 7 रुपये किलो में उपलब्ध है। कंकड़ी भी अब 15 रुपये किलो बिक रही है। इसके अलावा करेला के दाम 40 रुपये से घटकर 20 रुपये किलो तक आ गए हैं। पेंठा की सब्जी 15 से 16 रुपये किलो के बीच बिक रही है। इन सभी सब्जियों की कीमतों में गिरावट से रसोई का बजट काफी हद तक कम हुआ है।
गृहणियों ने जताई राहत
गृहणी राजबाला ने बताया किलगातार बढ़ते दामों के कारण पिछले दिनों रसोई का बजट बिगड़ गया था, लेकिन अब दामों में आई गिरावट से काफी राहत मिली है। अब वे पहले की तुलना में अधिक सब्जियां खरीद पा रही हैं और विविधता भी बढ़ी है।
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लोकल आवक से और गिर सकते हैं दाम
व्यापारी गुरदीप ने बताया कि स्थानीय आवक बढ़ने के कारण सब्जियों के दामों में कमी आई है। ग्राहकों की संख्या भी मंडी में बढ़ी है। घीया और खीरे की सबसे अधिक खपत देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह स्थानीय फसल की आवक बनी रही तो आने वाले समय में दाम और भी कम हो सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को और राहत मिलेगी।