संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध को लेकर पुलिस चौकस हो गई है। इसके तहत पुलिस की ओर से इस माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी के चलते सोमवार को साइबर थाना से एएसआई रविंद्र, एएसआई सुरेंद्र, एचसी कृष्ण कुमार व होमगार्ड दीपक की टीम ने जींद बाईपास के नजदीक ट्रांसपोर्ट नगर कैथल में हैवी लाइसेंस की ट्रेनिंग के लिए आए रोडवेज प्रशिक्षुओं व रोडवेज स्टाफ को साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान पुलिस टीम ने बताया कि साइबर सुरक्षा का मतलब एक तरह की इंटरनेट सुरक्षा से है, जो आपको हैकरों या किसी अन्य तरह के साइबर हमलों से बचाती है। साइबर सुरक्षा में कंप्यूटर और नेटवर्क में उपलब्ध किसी भी प्रकार की सूचनाओं और डाटा को सुरक्षित और गोपनीय रखने का अभ्यास किया जाता है। जब आप इंटरनेट प्रयोग करते है या इंटरनेट से जुड़े होते हैं तब कई प्रकार का खतरा आप पर बना रहता है। हैकर अलग-अलग तरीकों से साइबर सुरक्षा का उल्लंघन करके आपके सिस्टम तक पहुंच सकते हैं और आपके पर्सनल डाटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी खतरे को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा का उपयोग किया जाता है।
टीम ने बताया कि तकनीकी के दौर में लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और अपना पर्सनल डाटा भी इंटरनेट के माध्यम से शेयर करते हैं। जबकि यह सुरक्षित नहीं है। इंटरनेट की इस दुनिया में यूजर की एक लापरवाही से उसकी निजी जानकारियां और डाटा खतरे में पड़ सकता है। साइबर सुरक्षा की मदद से इंटरनेट और सिस्टम पर मौजूद सभी डाटा को सुरक्षित रखा जा सकता है और उसे चोरी होने से भी बचाया जा सकता है।
जैसे डिजिटल डाटा बढ़ रहा है, वैसे सुरक्षा समस्याएं बढ़ रही हैंै। सतर्क, सचेत रहकर व अन्य सिक्योरिटी टिप्स अपनाकर साइबर ठगो से बचा जा सकता है। पुलिस टीम ने बताया कि अगर आप इंटरनेट का उपयोग बैंकिंग से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करते हैं, तो आपको अपने डिवाइस में साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंटीवायरस को जरूर इंस्टॉल करना चाहिए।