संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका, कैथल। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा नजदीक आने पर छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ जाता है, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभिभावकों और गुरुजनों का सहयोग विद्यार्थियों को तनाव कम करने में मदद करता है। परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए और समय को टाइम टेबल के अनुसार विभाजित करना चाहिए।
तनाव से बचने के लिए पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से करना चाहिए। इसके साथ ही अभिभावकों को भी तनाव पर नियंत्रण रखना चाहिए, ताकि बच्चों का सही मार्गदर्शन कर सकें। उनके समर्थन से ही बच्चे अपनी क्षमता के अनुसार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। इस समय में विद्यार्थियों को अभिभावकों और गुरुजनों के सहयोग की जरूरत होती है। परीक्षाओं के नजदीक आने पर विद्यार्थियों पर भी मानसिक तनाव आ जाता है। परीक्षा के समय विद्यार्थियों को कई तरह के दबाव का सामना करना पड़ता है।
परीक्षा की तैयारी से लेकर उसके परिणाम तक की चिंता विद्यार्थियों को मानसिक दबाव की और ले जाती है। ऐसे समय में अभिभावकों को भी पहले खुद तनावमुक्त होना चाहिए। इसके बाद बच्चे की परीक्षा तैयारी में सहयोग करना चाहिए। विद्यार्थियों को तनावमुक्त करने के लिए व सटीक परीक्षा तैयारी के लिए चीका के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राध्यापक जितेंद्र सिंह और प्राध्यापक गुरविंदर सिंह ग्रेवाल ने विद्यार्थियों की तैयारी के सुझाव दिए हैं। ये सुझाव विद्यार्थियों की तैयारी के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं का तनाव नहीं लेना चाहिए। सभी विद्यार्थी तनावमुक्त होकर पूरी एकाग्रता से तैयारी करें। ज्ञान लेने के उद्देश्य से परीक्षाओं की तैयारी करें। अगर ज्ञान लेने के उद्देश्य से परीक्षा की तैयारी करेंगे तो तनाव भी नहीं होगा और परीक्षा में अच्छे अंक भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी बच्चों पर अच्छे अंकों का दबाव न डालें। इसके लिए समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करें। - जितेंद्र सिंह, प्राध्यापक, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, चीका।
विद्यार्थियों को परीक्षा तैयारी करने के दौरान इंटरनेट की मदद भी अवश्य लेनी चाहिए लेकिन इंटरनेट का उपयोग पढ़ाई के योग्य जानकारी लेने के लिए ही करें। इंटरनेट पर समय अनावश्यक
खराब न करें। एक विषय को कम
से कम दो बार पूरा पढ़ना चाहिए। इससे परीक्षाओं की तैयारी सही ढंग से होने में मदद मिलेगी। मॉडल पेपर हल करने से विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है। - गुरविंदर सिंह ग्रेवाल, प्राध्यापक, चीका।