कई वर्ष से बंद है रेड क्रास सोसाइटी की तरफ से छात्राओं के लिए चलाई गई विद्या वाहिनी पीली बस सेवा
विक्रम सिंह
कैथल। शहर में सिटी बस सेवा न होने से शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रेड क्रास सोसाइटी की तरफ से छात्राओं के लिए चलाई गई विद्या वाहिनी पीली बस सेवा भी फंड के अभाव में कई सालों से बंद पड़ी है।
जानकारी के अनुसार शहर के नये बस स्टैंड से लगभग स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी दो-तीन किलोमीटर पड़ते है। विद्यार्थियों के अलावा इन रूटों दैनिक यात्रियों को हर रोज आने जाने में परेशानी होती है। सरकारी बस की सुविधा नहीं होने से लोगों अपने गंतव्य तक पंहुचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार पढ़ाई करने के लिए जाने वाले विद्यार्थी समय पर नहीं पहुंच पाते। कई बार स्कूलों व कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राएं परिवहन विभाग को अपनी इस समस्या से अवगत करा चुके, लेकिन अब तो यह समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर की एक लाख से अधिक आबादी के बाद भी यहां के लोग सरकारी बस सेवा से वंचित हैं। आम जनता आवागमन के लिए थ्री व्हीलर, मैजिक, ई रिक्शा और अन्य निजी वाहनों पर निर्भर है। हाल ही में कुछ समय पहले कैथल जिले के कई पड़ोसी जिलों में परिवहन विभाग की ओर से बसों को दौड़ाया गया लेकिन कैथल जिले में अब तक डिपो व परिवहन विभाग बसों को शहर में ये बसें नहीं शुरू नहीं हो पाई। इस संबंध में रोडवेज महाप्रबंधक कमलजीत सिंह ने बताया कि रेड क्रास की तरफ से ही विद्या वाहिनी बसें चलाई गई थी। रोडवेज की ओर से सभी रूटों पर सामंजस्य बैठा कर बसों का संचालन किया जा रहा है।
ऑटो ही है एकमात्र साधन
शहर के सभी मुख्य मार्ग पर आने जाने के लिए केवल ऑटो ही एक मात्र साधन है। जो कि नये बस स्टैड़ से शुरू होकर करनाल चौक , आईजी कॉलेज, पिहोवा चौक , पुराना बस अड्डा कमेटी चौक , आरकेएसडी कॉलेज छात्रावास रोड की दूरी के 30 से 40 रुपये तक किराया लेते है। किराया अधिक होने के कारण आने जाने में दैनिक यात्रियों को दोनों बार आने व जाने में 50 से 60 रुपये अतिरिक्त खर्च करना होता हैं।
- सुधीर सिंह बांगड दैनिक यात्री
नहीं रोकी जाती बसें
कई मुख्य रूटों पर लंबे सफर जाने वाली बसों को कुछ ग्रामीण रूट पर रोका नहीं जाता, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है क्योंकि इन बसों में लोकल यात्रियों को नही बैठाया जाता। इसमें रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए जाने व बसों का संचालन कराने के निर्देश दिए है । इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को त्योहार पर आवागमन में सुविधा की उम्मीद थी लेकिन, बसों के फेरे तो दूर संचालन तक नहीं किया गया। ऐसे में बुजुर्ग व बच्चों को साथ लेकर चल रही महिला सवारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं कई रूट पर बसें न होने से अधिक परेशानी रही है।