शहर के जाट कालेज के सामने फैला कचरा। संवाद
कैथल। शहर में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कर्मचारियों की इस हड़ताल से पूरे शहर की सूरत बिगड़ गई है। मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक, शहर के कोने-कोने में गंदगी बिखरी है। सड़कों के किनारे और मुख्य चौराहों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं जिससे उठने वाली भयंकर बदबू ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है।
कचरा न उठने से परेशान जनता लगातार प्रशासन से गुहार लगा रही है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठवाने के दावे तो किए जा रहे हैं लेकिन धरातल पर यह काम सिर्फ खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गया है। शहर के कुछ गिने-चुने हिस्सों से ही एक बार नाममात्र का कचरा हटाया गया। बारिश के मौसम में इस गंदगी के कारण अब शहर में महामारी और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी तेजी से मंडराने लगा है।
30 तक बढ़ाई हड़ताल
कर्मचारी संघ ने इस हड़ताल की अवधि को अब 30 अगस्त तक बढ़ा दिया है। कर्मचारियों के इस कड़े रुख के बाद शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है। कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवचरण ने कहा कि सरकार और प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारी सभी मांगें पूरी तरह से मान नहीं ली जातीं, तब तक यह हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी। कर्मचारी संघ का कहना है कि वे शहरवासियों को होने वाली परेशानी के लिए माफी चाहते हैं लेकिन अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए उनके पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
शहर के जाट कालेज के सामने फैला कचरा। संवाद