संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन से जुड़े जिले के डॉक्टरों ने मंगलवार को पूर्ण रूप से हड़ताल नहीं की। डॉक्टरों ने मांगों को लेकर रोष जताते हुए सामूहिक सीएल लेकर बिना हाजिरी लगाए कार्य किया। हालांकि डॉक्टरों ने केवल इमरजेंसी सेवाएं, कोरोना संक्रमितों के इलाज व ऑपरेशन जैसी सेवाएं जारी रखने की बात कही थी, लेकिन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देशों और जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मरीजों के लिए सेवाएं जारी रखी। ओपीडी भी सामान्य दिनों की तरह चली।
एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. सचिन मांडले, डॉ. रजत पंकज, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. राजीव मित्तल ने बताया कि वे प्रदेश में खाली पड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को भरने की मांग सरकार से कर रहे हैं। साथ ही सीधी भर्ती का विरोध और पीजी पॉलिसी बनाने की मांग है। इस संबंध में सरकार से बातचीत के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर मांगों पर सहमति नहीं बनी तो 14 जनवरी से चिकित्सक पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जा सकते हैं।
अस्पताल में पहले से है डॉक्टरों की कमी
जिला नागरिक अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। स्वीकृत 55 पदों में से केवल 24 पदों पर ही इस समय डॉक्टर तैनात हैं। उनमें से भी दो डॉक्टर सोमवार को कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। ऐसे में अब एक-एक डॉक्टर पर कई-कई तरह के कार्यभार हैं। उन्हें मरीजों की जांच व ओपीडी के अलावा, इमरजेंसी ड्यूटी, कोरोना संक्रमितों की देखभाल और इलाज व प्रशासनिक कार्यों के लिए भी समय देना पड़ रहा है। ऐसे में अगर डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं तो स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि हड़ताल न करने के बारे में डॉक्टरों को निर्देश जारी किए गए थे, जिसका सभी ने पालन किया। मंगलवार को सभी डॉक्टर अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहे। सभी सेवाएं सामान्य दिनों की तरह जारी रही।