संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शिक्षा विभाग हरियाणा के निदेशक सेकेंडरी एजुकेशन, पंचकूला द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विद्यालयों में सुरक्षा, सफाई और संसाधनों के रख-रखाव को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने सोमवार को बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीईओ ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालय मुखियाओं की ऑनलाइन बैठक आयोजित कर इन निर्देशों को लागू करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की फ्लाइंग टीम और निदेशालय की टीमें समय-समय पर निरीक्षण करेंगी। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय मुखिया की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में अधीक्षक सुरेश कौशिक, डीएसएस सुशील कुमार, जिला नोडल अधिकारी कुशल कुमार, यूथ एवं इको क्लब कोऑर्डिनेटर निर्मल सिंह, रितु दीक्षित, महावीर राणा, सुनील सैनी और रजनी भुल्लर मौजूद रहे।
प्रमुख दिशा-निर्देश
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सफाई व टॉयलेट मरम्मत : स्कूलों में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। टॉयलेट मरम्मत के लिए एसएमसी के माध्यम से निर्धारित सीमा तक खर्च किया जा सकेगा।
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जर्जर भवन पर रोक : जर्जर कमरों को िचह्नित कर नोटिस लगाया जाए, वायरिंग काटी जाए और छात्रों की एंट्री पूरी तरह बंद हो।
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बिजली व्यवस्था : सभी विद्युत फिटिंग सुरक्षित और बच्चों की पहुंच से दूर हों।
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लैब और उपकरण : विज्ञान व कंप्यूटर लैब पूरी तरह क्रियाशील रहें, उपकरणों का नियमित उपयोग हो।
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पुस्तकालय व गतिविधियां : साइंस एक्टिविटी रजिस्टर अनिवार्य, लाइब्रेरी पुस्तकों का नियमित वितरण और रिकॉर्ड मेंटेन हो।
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कचरा व जल निकासी : जल निकासी दुरुस्त हो, कचरे का उचित निस्तारण कर खाद बनाई जाए।
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खराब सामान का निपटारा: मरम्मत योग्य सामग्री की मरम्मत और अनुपयोगी का नियमानुसार निस्तारण।
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वित्तीय पारदर्शिता : सभी खातों का रिकॉर्ड अपडेट रखा जाए, कभी भी जांच संभव।
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कक्षा प्रबंधन : कक्षाओं में शिक्षण सामग्री, चार्ट और टाइम टेबल अनिवार्य रूप से प्रदर्शित हों।
ड्रॉपआउट पर रोक: अनुपस्थित बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ा जाए।