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Kaithal News: रेहडी-फड़ी व खोखा दुकानदारों ने जताया रोष

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पूंडरी। पूंडरी के बाजार व मुख्य सड़क पर चल रहे सीसी सड़क निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन की ओर से खोखा, रेहड़ी एवं फड़ी संचालकों को हटाने के निर्देशों के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छोटे कारोबारी एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उनके रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
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प्रदर्शन के दौरान संचालकों ने कहा कि वे वर्षों से छोटे-छोटे कारोबार के माध्यम से अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे सड़क पर अतिक्रमण नहीं कर रहे बल्कि नाले के पीछे और नाले के ऊपर निर्धारित स्थानों पर अपने खोखे और रेहड़ियां लगाकर रोजगार चला रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है जिससे गरीब और मेहनतकश परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बताया कि अनेक लोगों ने अपना कारोबार शुरू करने के लिए बैंकों और अन्य संस्थानों से ऋण लिया हुआ है। यदि वर्तमान स्थान से उन्हें हटाया गया तो कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा और ऋण की किस्तें चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा। परिवारों का गुजारा केवल इसी व्यवसाय पर निर्भर होने के कारण वे गहरे संकट में आ जाएंगे।
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे अपनी समस्या के लिए विधायक सतपाल जांबा से भी मिल चुके हैं। उन्हें सब्जी मंडी क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया था लेकिन उनका कहना है कि मुख्य बाजार की तुलना में वहां ग्राहकों की संख्या काफी कम होगी जिससे आय में भारी गिरावट आएगी और कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। संचालकों ने मांग की कि उन्हें वर्तमान स्थान पर ही अपना व्यवसाय जारी रखने दिया जाए। यदि किसी कारणवश यह संभव नहीं है तो बस स्टैंड के सामने स्थित दोनों पार्कों में व्यवस्थित रूप से रेहड़ी और फड़ी लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उनका रोजगार सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि सरकार को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना चाहिए, न कि गरीब लोगों के रोजगार के साधन समाप्त करने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गरीब परिवारों के हितों की रक्षा करने की अपील की।
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