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Kaithal News: लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान फिर होगा शुरू

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फ्रैंड्स कॉलोनी में घूमते आवारा कुत्ते। संवाद
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कैथल। शहर में लगातार बढ़ रही लावारिस कुत्तों की समस्या से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। नगर परिषद की ओर से शहर में एक बार फिर लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 21 मई को टेंडर खोले जाएंगे। अभियान पर करीब 16.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब एक कुत्ते पर 1200 से ज्यादा रुपये खर्च होंगे।
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करीब दो महीने से शहर में कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन का कार्य पूरी तरह बंद पड़ा था। नगर परिषद ने पुरानी एजेंसी का टेंडर नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में रद्द कर दिया था। इसके बाद से अभियान ठप था जिससे शहर में बेसहारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का अभियान रुक गया था।
अनुमान के अनुसार शहर में वर्तमान समय में 10 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं। नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार इससे पहले अभियान के दौरान 502 कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी हो चुकी है। नई एजेंसी के चयन के बाद अभियान दोबारा गति पकड़ेगा। पकड़े गए कुत्तों को डॉग शेल्टर में एक सप्ताह तक रखा जाएगा। यहां एक समय में 50 से 60 कुत्तों को रखने की व्यवस्था है। नसबंदी के बाद कुत्तों को पहचान के लिए विशेष निशान भी लगाया जाएगा।
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हर माह औसतन 205 लोगों को काट रहे कुत्ते
लावारिस कुत्तों का आतंक शहरवासियों के लिए गंभीर परेशानी बना हुआ है। जिले में जनवरी से अब तक 1476 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। ये सभी लोग सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे। यदि वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 312, फरवरी में 268, मार्च में 326, अप्रैल में 214, मई में 199, जून में 180, जुलाई में 200, अगस्त में 200, सितंबर में 180, अक्तूबर में 205, नवंबर में 215 और दिसंबर में 212 लोगों को कुत्तों ने काटा। औसतन हर माह करीब 205 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं।
कुत्तों ने कई लोगों को काटा
1 अप्रैल को बदसूई निवासी मनफूल को लघु सचिवालय के नजदीक कुत्ते ने काट लिया।
14 अप्रैल को डिफेंस कॉलोनी निवासी मंजीत को करनाल रोड पर कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया।
19 अप्रैल को आरकेएसडी कॉलेज के पास डोहर निवासी मंजू को कुत्ते ने काटा।
24 अप्रैल को पाडला रोड निवासी मुनीष को घर के बाहर कुत्ते ने निशाना बनाया।
29 अप्रैल को कसान निवासी मनोज को आईटीआई के पास कुत्ते ने काट लिया।
30 अप्रैल को बालू निवासी सुरेंद्र को सुभाष नगर में कुत्ते ने घायल किया।
1 मई को गांव पट्टी अफगान निवासी मंदीप को डोहर रोड पर कुत्ते ने काट लिया।
6 मई को खानपुर निवासी राजेश को गढ़ी पाडला रोड पर कुत्ते ने काटा।
10 मई को भैणी माजरा निवासी संदीप को शुगर मिल के पास कुत्ते ने निशाना बनाया।
14 मई को भगत सिंह कॉलोनी निवासी प्रताप को बस अड्डे के पास कुत्ते ने काट लिया।
कुत्ते के काटने पर लापरवाही न करें : डॉ. जितेंद्र गिल
डॉ. जितेंद्र गिल ने बताया कि कुत्ते के काटने पर बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। सबसे पहले प्रभावित स्थान को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद तुरंत अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। समय पर इलाज नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
ग्योंग निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि 12 मई को ग्योंग रोड पर उसके पांव को कुत्ते ने काट लिया था। शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन से मांग है कि कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी व टीकाकरण की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
रुद्रा कॉलोनी निवासी मनप्रीत ने बताया कि 7 मई को अंबाला रोड पर उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद से वह टीके लगवा रहा है। कुत्ते का काटना बहुत खतरनाक होता है, इसलिए प्रशासन को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण अभियान दोबारा से शुरू होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 21 मई को टेंडर खाेला जाएगा। अभियान पर करीब 16.50 लाख रुपये खर्च होंगे। लोगों को लावारिस कुत्तों से छुटकारा दिलवाया जाएगा।

फ्रैंड्स कॉलोनी में घूमते आवारा कुत्ते। संवाद

फ्रैंड्स कॉलोनी में घूमते आवारा कुत्ते। संवाद

फ्रैंड्स कॉलोनी में घूमते आवारा कुत्ते। संवाद

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