कैथल। हरेक खिलाड़ी को अभ्यास के लिए मैदान की आवश्यकता होती है और वहीं पर ही वह अभ्यास कर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयारी पुख्ता करता है। इसके बाद ही मेहनत का फल पदक या ट्रॉफी के रूप में उसे मिलता है लेकिन गुहला चीका में खरौदी रोड पर बनाए जा रहे खेल स्टेडियम का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा हैं। इसके कारण सैकड़ों खिलाड़ियों का समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि गुहला-चीका में बन रहे खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्दी से पूरा करवाएं ताकि उन्हें अपने-अपने खेल का अभ्यास करने के लिए सहूलियत मिल सके। दरअसल, इधर-उधर भटकने से उनका समय बर्बाद हो जाता है। करीब 10 एकड़ में बनाए जा रहे खेल स्टेडियम का काम अधूरा है।
गौरतलब है कि 10 अक्तूबर 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इसका तय समय बीत चुका है। प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के तहत यहां लगभग 400 मीटर का एक सिंथेटिक ट्रैक भी बनाया जा रहा है। इसका एसटीमेट पीडब्लयूडी की ओर से बनाया गया है और एक्सईएन कैथल की आरे से ईआईसी को भेजा गया है। योजना 2021 व 22 की है।
वर्ष 2019 में यहां ट्रैक के लिए जमीन मिली थी ओर वर्ष 22 में इस पर काम शुरू हुआ था। एक वर्ष में काम पूरा होना था पर निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
मजबूर होकर खिलाड़ियों को लगभग चार किलोमीटर दूर, सुबह-शाम को एक निजी संस्थान के मैदान पर अभ्यास करने जाना पड़ता है। इनमें एथलेटिक्स, बॉस्केटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, आर्चरी के खिलाड़ी शामिल हैं।
खिलाड़ी राहुल सैनी, विक्रम राजराणा, कमलजीत व माफी शर्मा ने बताया कि वे कई वर्षों से विभिन्न खेलों में भाग लेकर राज्यस्तर, राष्ट्रीय स्तर व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। लेकिन गुहला-चीका में बन रहे खेल स्टेडियम के निमार्ण कार्य अधूरा होने के कारण उन्हें समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम लगभग चार किलोमीटर दूर अभ्यास को जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि निजी संस्थान के मैदान में सैंकड़ों खिलाड़ी सुबह शाम विभिन्न खेलों का अभ्यास करने आते हैं। सभी खिलाड़ी सरकार से मांग कर रहें हैं की गुहला-चीका में बन रहे खेल स्टेडियम का निमार्ण कार्य जल्दी से पुरा करवाए, ताकि खिलाड़ी नए सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास कर अपने लक्ष्य को पा सके व और खेलों में पदक जीतकर देश व अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सके। संवाद
नगर पालिका अध्यक्ष रेखा रानी ने बताया जुलाई वर्ष 2022 में उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था और यह निर्माणाधीन खेल स्टेडियम नगर पालिका की जमीन पर तैयार हो रहा है और उससे पहले ही इसका निर्माण कार्य चल रहा था। मैंने स्वयं अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन स्टेडियम का दो तीन बार दौरा किया है।
उन्होंने बताया कि पहले इस खेल स्टेडियम की ड्राइंग चेंज करवाई गई थी, जिसमें काफी समय लग गया था। दूसरा ये की जो स्टेडियम निकट रहने वाले लोगों ने चार दीवारी में थोड़ा स्पेस देने की मांग थी। इसके अलावा कई टेक्निकल मामले ऐसे थे, जिस कारण इसका काम शुरू होने में देर हुई। वहीं, सरकार और प्रशासन सहयोग कर रहा है। इसके ठेकेदार ने हमसे जनवरी तक का समय मांगा था। हमने एमई राजेश द्वारा उसे नोटिस भिजवाएं हैं। हम स्वयं चाहते हैं कि इस खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्दी पूरा हो जाए, ताकि हम इसे समय रहते ही जनता के सुपुर्द कर सकें और खिलाड़ी भी इसका भरपूर फायदा उठा सके।
खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी बीच में ही लटका पड़ा है। इस कारण खिलाड़ियों को बहुत नुकसान हो रहा है। खिलाड़ियों को बहुत समस्याएं आ रही हैं, क्योंकि अगर समय रहते इस खेल स्टेडियम का सिंथेटिक ट्रैक का निमार्ण कार्य पुरा हो जाता तो अब तक कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले हो जाते। -डॉ. सतनाम सिंह, एथेलेटिक्स कोच
कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीत रहा हूं। स्टेडियम का निर्माण कार्य कई वर्षों से बीच में ही लटका पड़ा है। इस कारण सुबह शाम कई किलोमीटर दूर अभ्यास करने जाना पड़ता है। हमारी सरकार से ये ही मांग है कि समय रहते ही खेल स्टेडियम का निर्माण पूरा हो जाए, ताकि वे उसमें अभ्यास कर आगामी प्रतियोगिताओं भाग ले सकूं।
-राहुल सैनी, दिव्यांग एथलेटिक्स
खरौदी रोड पर बन रहे खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस कारण हमें अन्य निजी संस्थान के मैदान में अभ्यास करने जाना पड़ता है। हमारी सरकार से मांग है कि जल्दी से जल्दी इसका कार्य पूरा हो जाए, ताकि हम नए स्टेडियम के मैदान में फिर से अभ्यास शुरू कर सके। -विक्रम राजराणा, अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक खिलाड़ी
मैं डेकाथलन की खिलाड़ी हूं और कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हूं। गुहला-चीका में खेल स्टेडियम का निर्माण जल्द पूरा हो जाए तो हमें दौड़ने के लिए ट्रैक मिल जाएगा। ऐसा होने पर हमारा प्रदर्शन और बेहतर हो सकेगा। सरकार ये मांग है की जल्द से जल्द यह निमार्ण कार्य पूरा हो जाए ताकि खिलाड़ियों को नया ट्रैक मिल सके।
-कमलजीत, राष्ट्रीय खिलाड़ी
मैं यूथ एशियन पैरा व अन्य खेलोंं में भाग ले चुकी हूं और पदक भी जीत चुकी हूं। खेल स्टेडियम के अधूरे पड़े निर्माण कार्य के कारण उसे कुछ किलोमीटर दूर निजी संस्थान में अभ्यास करने जाना पड़ता है। अगर नया खेल स्टेडियम खिलाड़ियों को मिल जाए तो मैं भी नए ट्रैक पर अपनी मंजिलों को पाने के लिए पसीना बहा सकूंगी। -माफी शर्मा राष्ट्रीय धावक खिलाड़ी