संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रेलवे की ओर से मदार मेला विशेष ट्रेन का संचालन बुधवार से शुरू होगा। इस ट्रेन में 18 डिब्बों का कोच है। इसमें दो कोच रिजर्व रखे गए हैं। रास्ते में वाया रिंगस स्टेशन भी पड़ेगा। इससे बाबा खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालु भी इस ट्रेन के माध्यम से खाटू धाम तक की यात्रा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि रेलवे ने कुरुक्षेत्र से अजमेर में मदार के लिए 12 मार्च तक यह विशेष ट्रेन चलाई है। अब इसकी समय सारिणी भी जारी कर दी गी है। यह ट्रेन बुधवार को रात करीब साढ़े नौ बजे के करीब कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन
से रवाना होगी। इसके बाद यह वाया कैथल, नरवाना, जींद, रोहतक, झज्जर और रिंगस होते हुए अजमेर के मदार में पहुंचेंगी जबकि मदार से यह ट्रेन अगले दिन चलेगी।
गौरतलब है कि इस समय कैथल से तीन पैसेंजर व एक एक्सप्रेस व डेमू एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। कैथल से फिलहाल खाटू श्याम जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। राजस्थान के अजमेर के ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह व खाटू श्याम पर फाल्गुन माह में लगने वाले मेले में हजारों भक्त जाते हैं। इस ट्रेन की संख्या 09727 व 09728 रखी गई है। रात 10 बजे कैथल स्टेशन पर अजमेर जाने के लिए आएगी, जो अगले दिन सुबह आठ बजे पहुंचेगी। इस ट्रेन के संचालन की मांग सांसद नवीन जिंदल ने रेल मंत्रालय से की थी। इसके बाद इस ट्रेन के संचालन का फैसला रेलवे की अेार से लिया गया है।
कैथल के रेलवे स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि रेलवे की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार बुधवार से इस ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा। जो कैथल में रात 10 बजे पहुंचेंगी। इस ट्रेन का संचालन 12 मार्च तक संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन वाया रिंगस होकर गुजरेगी। ऐसे में कैथल से बाबा खाटू श्याम जाने वाले लोग इस ट्रेन के माध्यम से खाटू धाम तक की यात्रा कर पाएंगे।
खाटू में लक्खी मेला
सीकर में चल रहे बाबा श्याम के फाल्गुन लक्खी मेले में भीड़ उमड़ रही है। माना जा रहा है कि 8 मार्च से श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ेगी। यह बाबा खाटूश्याम जी का मुख्य मेला है। बाबा श्याम का फाल्गुन लक्खी मेले का मुख्य आयोजन एकादशी को होगा। गौरतलब है कि इस दिन बाबा श्याम को नगर भ्रमण कराया जाता है।
कौन है बाबा श्याम ः महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक से भगवान कृष्ण ब्राह्मण में उनसे शीश दान में मांग लिया था। तब श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर बर्बरीक को कहा कि बर्बरीक तुम्हें कलयुग में श्याम के नाम से पूजे जाओगे, तुम्हें लोग मेरे नाम से पुकारेंगे और तुम अपने भक्तों के हारे का सहारा बनोंगे।