संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सेशन जज डाॅ. नंदिता कौशिक ने स्मैक रखने के जुर्म में एक महिला सहित दो दोषियों को 10-10 साल की कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। इस केस में एक आरोपी चैन सिंह को अदालत ने बरी कर दिया जबकि एक अन्य विरेंद्र उर्फ लाडी भगोड़ा चल रहा है।
इस संबंध में एएसआई दलशेर सिंह ने थाना राजौंद में केस दर्ज करवाया था। पुलिस के मुताबिक, एक जांच के सिलसिले में पुलिस की टीम जींद जा रही थी। इस बीच जींद रोड किठाना पर पुलिस को सूचना मिली कि गोपी उर्फ गोपाला निवासी खरकां राजस्थान, मध्य प्रदेश बगैरा से स्मैक लाकर हरियाणा, पंजाब में तस्करी करता है। वह दो दिन पहले स्मैक लेने के लिए लाडी निवासी सफीदों व गुरप्रीत कौर निवासी स्लेमपुर को लेकर राजस्थान गया था और आज वापस आएगा।
इसके बाद पुलिस ने गश्त के लिए पार्टी तैयार की। कुछ देर बाद जींद से किठाना की तरफ एक गाड़ी आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर चालक गाड़ी को भगाने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उनको काबू कर लिया। उनकी पहचान गोपाल सिंह उर्फ गोपी निवासी खरकां, विरेंद्र उर्फ लाडी निवासी सफीदों, गुरप्रीत कौर निवासी सलेमपुर के रूप में हुई। जब उनकी ईटीओ रोशन लाल के सामने तलाशी ली गई तो गाड़ी से दो किलो 85 ग्राम स्मैक मिली।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया व चालान तैयार किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे नंदिता कौशिक ने गोपाल सिंह और गुरप्रीत कौर को स्मैक रखने का दोषी पाया व 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्यों के अभाव में चैन सिंह को बरी कर दिया गया। उसका नाम डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में आया था। चौथे आरोपी विरेंद्र को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है।