संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सावन माह के उपलक्ष्य में मंगलवार को ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सावन माह की कथा श्रद्धापूर्वक सुनाई गई। कथा वाचन करते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने महिलाओं को सावन माह के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान शिव पूजा, व्रत और जलाभिषेक का विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है।
नीलकंठ की कथा से जुड़ा सावन का महत्व : पंडित शास्त्री ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले भीषण विष ‘’हालाहल’’ से तीनों लोक—स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल—प्रभावित होने लगे थे। संकट से उबारने के लिए सभी देवता भगवान शिव की शरण में गए। करुणामय शिव ने समस्त सृष्टि की रक्षा हेतु उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और वे ‘’नीलकंठ’’ कहलाए।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने उस विष को निगला नहीं, बल्कि उसे कंठ में ही रोके रखा, जिससे शरीर को क्षति न पहुंचे। इस कारण उन्हें शीतल जल की आवश्यकता पड़ी, और तभी से सावन में जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है।
श्रद्धालुओं की रही सहभागिता : कथा के अवसर पर अन्नू गोयल, वकुल शर्मा, कमलेश रोहिल्ला, संतोष, ममता, राज खुराना, राज रहेजा, लता सैनी, कृष्णा, सुनीता, विनीता, साब्बो सहित अनेक महिला श्रद्धालु उपस्थित रहीं।