कैथल। जिले के गांव ग्योंग की 16 वर्षीय होनहार खिलाड़ी मुस्कान आज अपने मेहनत के दम पर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। मुस्कान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग की छात्रा हैं और हैंडबॉल खेल में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
हाल ही में अंडर-19 स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। मुस्कान का सपना है कि वह आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीते और भारतीय टीम का हिस्सा बने। वह कहती हैं कि अगर सरकार और खेल विभाग से उचित सुविधाएं मिलें तो ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं। मुस्कान ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मुस्कान की कहानी आज जिले की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। मुस्कान के पिता सन्नी कुमार मजदूरी का काम करते हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को कभी कमजोर नहीं होने दिया।
परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण है लेकिन मुस्कान की लगन और पिता का सहयोग उन्हें लगातार आगे बढ़ा रहा है। मुस्कान के परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। घर की जिम्मेदारियों के बीच भी वह पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित कर रही हैं। मुस्कान की प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से ही हुई और वर्तमान में वह जीएसएसएस ग्योंग में अध्ययनरत हैं। बचपन से ही मुस्कान का रुझान खेल के प्रति रहा है। गांव के ग्योंग हैंडबॉल ग्राउंड में ही उन्होंने अपने खेल की शुरुआत की। यहीं पर उन्होंने कड़ी मेहनत करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा।
मुस्कान रोजाना सुबह 5 बजे से 7 बजे तक दो घंटे अभ्यास करती हैं। इसके बाद स्कूल जाती हैं और पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। शाम को फिर 4 बजे से 7 बजे तक तीन घंटे का नियमित अभ्यास करती हैं। संवाद