संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उपायुक्त प्रीति ने बताया कि जिले में अभी छह नई अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है और जल्द ही उन पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में अवैध कॉलोनियों के विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों को अवैध कॉलोनी के रूप में चिह्नित किया गया है, वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, जिसमें लिखा हो कि यह कॉलोनी अवैध है और यहां प्लाट खरीदना या निर्माण करना कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसका उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना और उन्हें धोखेबाजों के जाल में फंसने से बचाना है।
डीसी प्रीति ने यह निर्देश वीरवार को जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में डीटीपी ने पिछले महीने चलाए गए तोड़फोड़ अभियान और पुलिस में दर्ज कराए गए केसों की जानकारी दी।
उपायुक्त प्रीति ने उपमंडल अधिकारी, जिला नगर योजनाकार विभाग और नगर परिषद/निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने और समय-समय पर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और उनके अवैध निर्माण को गिराने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाए। एक बार अवैध निर्माण हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी भी रखी जाए।
आमजन से अपील है कि केवल पूर्ण भुगतान इकरारनामे पर ही जमीन खरीदें और प्लाट लेने से पहले कॉलोनी के वैध होने की सभी आवश्यक जानकारी जुटाएं। यदि कोई प्रॉपर्टी डीलर कॉलोनी को वैध बताता है तो उसके लाइसेंस की जांच अवश्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध कॉलोनियों में प्लाट खरीदने पर तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और अपने खून-पसीने की कमाई का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए सदैव सावधान और सतर्क रहें। -प्रीति, उपायुक्त