संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अखिल भारतीय हिंदू महासंघ कैथल के प्रतिनिधियों ने पुराने सिविल अस्पताल के पास स्थित प्राचीन बावड़ी के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। महासंघ ने कहा कि यह बावड़ी नगर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है, जिसका जीर्णोद्धार लंबे समय से लंबित था।
महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग 25 वर्ष पूर्व अखिल भारतीय हिंदू महासंघ एवं कैथल उत्थान समिति ने नगर के प्राचीन स्थलों- जिनमें महाभारतकालीन नवग्रह कुंड भी शामिल हैं के सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया था। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते यह बावड़ी गंदगी और उपेक्षा का केंद्र बन गई थी।
उन्होंने बताया कि महासंघ और समिति के लगातार आग्रह पर वर्तमान सरकार ने इस ऐतिहासिक स्थल की सुध ली और नगर परिषद ने इसे एक विशेष योजना के तहत पुनर्निर्माण कार्य के रूप में शुरू किया है।
इस अवसर पर महासंघ के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने कहा कि महासंघ मुख्यमंत्री व हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने इस प्राचीन धरोहर को पुनर्जीवित करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने भावुक होकर बताया कि बचपन में मैं अपनी दादी के साथ कई बार इस बावड़ी में स्नान करने आया करता था। कहा जाता था कि यहां स्नान करने से त्वचा रोगों से मुक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस बावड़ी का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, उसी प्रकार कैथल के महाभारतकालीन नवग्रह कुंडों का भी सुधार कार्य करवाया जाना चाहिए। इस मौके पर महासंघ के प्रांतीय महासचिव पवन ने हरियाणा सरकार से नवग्रह कुंडों के सौंदर्यीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। कार्यक्रम में महिला अध्यक्ष श्रीमती राजेश सिंगला, लाजपत राय सिंगला, सतपाल गुप्ता, पवन, सुनील कुमार और अमर कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।