संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रक्षा बंधन पर महिलाओं और 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए निशुल्क बस सेवा का दूसरा दिन भी भीड़भाड़ और अव्यवस्था में बीता। रोडवेज बसों में सुबह तो सफ़र अपेक्षाकृत सुगम रहा, लेकिन दोपहर बाद सीट के लिए महिलाओं को दौड़ लगानी पड़ी, कई को खड़े होकर सफ़र करना पड़ा।
निजी बस संचालकों की मनमानी पहले दिन की तरह जारी रही—110 में से महज़ 20 से 30 निजी बसें ही चलीं, वह भी चुनिंदा रूटों पर। कई भीड़ वाले रूटों पर बसें कम कर दी गईं और कई निजी बसों में महिलाओं से किराया भी वसूला गया, जो सरकार के आदेशों का उल्लंघन है।
दो दिन में 60 हजार यात्रियां ः पहले दिन करीब 20 हज़ार महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की थी, जबकि दो दिन में यह संख्या 60 हज़ार से अधिक पहुंच गई। भीड़ को संभालने के लिए कैथल डिपो ने 202 रोडवेज बसें और 50 अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटी लगाई, साथ ही नए बस स्टैंड पर 30 अतिरिक्त बसें चलाई गईं।
कलायत, राजौंद, पूंडरी के कई गांवों से बस स्टॉप पर बसें न मिलने की शिकायतें आईं। कलायत की रानी देवी और कुरुक्षेत्र जा रही सुदेश कुमारी ने बताया कि उन्हें क्रमशः एक और डेढ़ घंटे बाद बस मिली।
यातायात प्रबंधक विरेंद्र पाल स्वामी ने कहा कि सुबह भीड़ कम थी, लेकिन दोपहर बाद बढ़ गई। अतिरिक्त कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया और समय-समय पर यात्रियों को जागरूक किया गया।
04 कैथल। रक्षाबंधन के पर्व पर बस स्टैंड पर लगी भीड़ का दृश्य। संवाद
04 कैथल। रक्षाबंधन के पर्व पर बस स्टैंड पर लगी भीड़ का दृश्य। संवाद