संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला जेल में शनिवार को राखी का पर्व भावनाओं से भरा हुआ नजारा लेकर आया। कारागार महानिदेशक के आदेश पर आयोजित कार्यक्रम में बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं और राखी बांधकर भावुक हो गईं। इसी तरह महिला बंदियों को उनके भाईयों ने मुख्य द्वार के आमने-सामने राखी बांधी।
सुबह से ही जेल परिसर के बाहर बहनों और महिला परिजनों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें एक-एक कर अंदर बुलाया गया। जिला कारागार प्रशासन ने अंदर ही राखियां, रक्षासूत्र, तिलक के लिए सिंदूर और मिठाई का इंतजाम किया था। बाहरी मिठाई और राखियां लाने पर प्रतिबंध था।
करीब 700 बंदियों को उनकी लगभग 1500 बहनों, महिला परिजनों और बच्चों ने राखी बांधी। इस दौरान कई बहनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने अपने भाइयों को गले लगा लिया।
जेल अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बंदियों के अपराधबोध को कम करना और परिवार से दूर रहने के कारण मन में उत्पन्न निराशा व तनाव को दूर करना था।
उन्होंने कहा कि त्योहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस मौके पर उप-अधीक्षक सुरेंद्र कुमार, सहायक अधीक्षक नरेश कुमार, उप-सहायक अधीक्षक बलजीत सिंह समेत जेलकर्मी मौजूद रहे।
13 कैथल। जिला जेल में रक्षा बंधन के पर्व पर भाई को राखी बांधती बहनें। संवाद
13 कैथल। जिला जेल में रक्षा बंधन के पर्व पर भाई को राखी बांधती बहनें। संवाद
13 कैथल। जिला जेल में रक्षा बंधन के पर्व पर भाई को राखी बांधती बहनें। संवाद