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Kaithal News: छठ महापर्व के लिए खरीदारी शुरू, बाजार में रौनक

Fri, 24 Oct 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। छठ पर सूप, फल, गन्ना, पूजन सामग्री आदि की मांग अधिक होती है। नहाय-खाय के साथ शनिवार से छठ महापर्व की शुरुआत होगी। ऐसे में लोगों ने खरीदारी करनी शुरू कर दी है। वीरवार को सब्जी मंडी सहित विभिन्न जगह लगे बाजार में श्रद्धालु छठ पर्व का सामान खरीदते नजर आए।

नहाय-खाय के साथ शनिवार से छठ महापर्व की शुरुआत होगी। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर पूर्वांल के श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है।

लोक आस्था का महापर्व छठ दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस वर्ष छठ पर्व की शुरुआत 28 अक्तूबर से हो रही है। पर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्ध्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार छठ का व्रत संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय से इस पर्व की शुरुआत हो जाती है और षष्ठी तिथि को छठ व्रत की पूजा, व्रत और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य के बाद अगले दिन सप्तमी को उगते सूर्य को जल देकर व्रत का समापन किया जाता है। यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है। इसमें व्रती महिलाएं लगातार 36 घंटे निर्जला व्रत रखती हैं।
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बाजार में 25 से 28 अक्तूबर तक चलने वाली इस पूजा के लिए लोग बांस की दउरा, सूप, ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य सामग्री खरीदने में जुट गए हैं।

छठी मैया की पूजा का महत्व

शास्त्रों के अनुसार छठ देवी भगवान ब्रह्माजी की मानस पुत्री और सूर्यदेव की बहन हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्माजी ने सृष्टि रचने के लिए स्वयं को दो भागों में बांट दिया, जिसमें दाहिने भाग में पुरुष और बाएं भाग में प्रकृति का रूप सामने आया। सृष्टि की अधिष्ठात्री प्रकृति देवी ने अपने आपको छह भागों में विभाजित किया। इनके छठे अंश को सर्वश्रेष्ठ मातृ देवी या देवसेना के रूप में जाना जाता है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी है, जिसे छठी मैया के नाम से जाना जाता है। शिशु के जन्म के छठे दिन भी इन्हीं की पूजा की जाती है। इनकी उपासना करने से बच्चे को स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। नवरात्र पर षष्ठी तिथि को इनकी पूजा की जाती है।

छठ पूजा की तिथियां
छठ पूजा अनुष्ठान
तिथि

छठ पूजा का पहला दिन- नहाय खाय
25 अक्तूबर, शनिवार

छठ पूजा का दूसरा दिन-
खरना
26 अक्तूबर, रविवार

छठ पूजा का तीसरा दिन- अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
27 अक्तूबर, सोमवार

छठ पूजा का चौथा दिन- उदीयमान सूर्य को अर्घ्य
28 अक्तूबर, मंगलवार

सामान
दाम

सूप
50 रुपये से शुरू

छीटा
150-300 रुपये से शुरू

तरड़ा 150 रुपये से शुरू

नारियल
50 रुपये से शुरू

चकोतरा
50-80 रुपये से शुरू

साठी चावल
10 रुपये से शुरू

किराओ 10 रुपये से शुरू

हुमाद 10 रुपये से शुरू

पीतल सूप
400 रुपये से शुरू
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