संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत उपमंडल के खरक पांडवां गांव निवासी शिवम सहारण ने नीट -2025 (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) में जनरल कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक 710 हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। खास बात यह है कि शिवम ने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, केवल स्वअध्ययन के दम पर हासिल की है, जो आज के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गांव से राष्ट्रीय स्तर तक का प्रेरणादायक सफर ः शिवम के पिता प्रो. जयपाल सहारण ने बताया कि शिवम ने गांव के स्कूल से मैट्रिक में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद दिल्ली के सीबीएसई स्कूल से 12वीं में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए। सीमित संसाधनों के बावजूद, घर पर रहकर कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ उन्होंने नीट की तैयारी की और देश के हजारों छात्रों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
शिक्षित परिवार ने दी सफलता की मजबूत नींव ः शिवम के माता-पिता दोनों शिक्षाकर्मी हैं। उनकी माता सुनीता सहारण आरोही मॉडल स्कूल, ग्योंग में पीजीटी बायोलॉजी के पद पर कार्यरत हैं। पिता प्रो. जयपाल सहारण भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। घर का अनुशासित और शैक्षिक वातावरण शिवम की सबसे बड़ी ताकत रहा।
शिवम के बड़े भाई डॉ. आशीष सहारण एम्स ऋषिकेश में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं, जिन्होंने भी शिवम को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इसके अलावा, स्वर्गीय दादा पृथ्वी सिंह, जो एक शिक्षक थे, उनकी सादगी और मूल्य आधारित जीवनशैली भी प्रेरणास्रोत रही।
विषयवार उत्कृष्ट प्रदर्शन
शिवम ने बायोलॉजी में 99.97, केमिस्ट्री में 99.99 और फिजिक्स में 98.92 पर्सेंटाइल हासिल की। कुल पर्सेंटाइल 99.94 के साथ उन्होंने जनरल कैटेगरी में 710वां स्थान प्राप्त किया। इससे पहले शिवम ने जेईईई-2025 परीक्षा में भी 98.88 पर्सेंटाइल के साथ शानदार प्रदर्शन किया था।
डॉक्टर बन समाज सेवा करने का लक्ष्य
शिवम का सपना है एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करके ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाना। वे मानते हैं कि संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास से ही सफलता संभव है। गांव खरक पांडवां में शिवम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी की लहर है। ग्रामीण, शिक्षक और रिश्तेदार उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।