निशीकांत शर्मा
कलायत/कैथल। नगर निकाय चुनाव में मतदान के लिए बुजुर्गाें में काफी उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान कोई बुजुर्ग लाठी लेकर तो कोई व्हील चेयर पर पहुंचकर मतदान करने पहुंचा। इसी कड़ी में कलायत के वार्ड नंबर-13 में 96 वर्ष की पूर्व में पार्षद रही शीशो देवी अपने पोते की गोद में बैठ कर मतदान करने आई।
शीशो देवी 2005 में वार्ड नंबर-2 से पार्षद रही हैं। अपने कार्यकाल में उनको तेज तर्रार और अपने वार्ड की तरक्की के लिए हमेशा फिकरमंद पार्षद के रूप में जाना जाता था। उनका मतदान उनकी इच्छा से उनके पोते ने किया। बात करने में पूरी तरह से अक्षम शीशो देवी के चेहरे पर मतदान के बाद चेहरे पर संतोष की लहर साफ दिखाई दी।
दृष्टि विहीन होने के बावजूद किया मतदान ः कलायत में 92 वर्ष के देशराज ने मतदान किया। आयु के प्रभाव के चलते देशराज पूरी तरह से दृष्टिविहीन हैं। देशराज का कहना था कि देश के आजाद होने से लेकर वे अब तक मतदान करते आ रहे हैं। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को मतदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों के बारे में उन्होंने अपने पुत्र से पूरी जानकारी ली और बेटे के माध्यम से ही अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।
1962 में किया था पहला मतदान ः करीब 80 साल के रामदयाल गुप्ता मतदान करने के लिए पहुंचे। बताया कि बीमार होने के कारण से वे पोते का सहारा लेकर मतदान करने आए हैं। वह अनाजमंडी के पूर्व प्रधान भी रहे हैं। बताया कि उन्होंने अपना पहला मतदान 1962 में ओम प्रभा जैन के चुनाव में किया था और मटौर में वे उनके एजेंट भी बने थे। तब से लेकर आजतक वे हर चुनाव में मतदान करते आ रहे हैं। उनका संदेश था कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सबको मतदान करना चाहिए।
बच्चों के लिए खेल स्टेडियम बनवाए उनका प्रतिनिधि ः मतदान करने पहुंचे 80 साल के केशव सिंह का कहना है कि आज का युवा नशे के चक्कर में पड़ रहा है। कलायत में तो नशे का हाल बहुत ही बुरा है। उन्होंने अपने उम्मीदवार से एकमात्र मांग की है कि वह कलायत में बच्चों के लिए खेल स्टेडियम बनवाने की दिशा में
अपने सारे प्रयास करे ताकि युवा नशों से बच सकें। यदि स्टेडियम होगा तो युवा खेलों की ओर अग्रसर होंगे और नशे पर अंकुश लगेगा। संवाद
सीवन में 101 वर्षीय ईश्वर देवी ने किया मतदान
सीवन। नगर के वार्ड नंबर 12 निवासी बुजुर्ग मतदाता 101 वर्षीय ईश्वर देवी ने अपने पूरे परिवार के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि वह पिछले कई वर्षाें से इसी प्रकार से अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिल कर मतदान के लिए आती हैं। ईश्वर देवी ने अपने बेटे बहुओं और पोतों संग मतदान किया। उनके बेटे लक्ष्मण कामरा ने बताया कि उनकी माता हर चुनाव में मतदान करने के लिए जरूर पहुंचती है। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पूरे उत्साह से मतदान किया था। संवाद