जिले के तीन और गांवों फरल, फतेहपुर व कौल को सरकार ने महाग्राम योजना में शामिल किया है। तीनों गांव पूंडरी क्षेत्र के हैं, जिनमें महाग्राम योजना के तहत सीवरेज और पेयजल की पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी।
तीनों गांवों में ज्यादातर क्षेत्र में पेयजल की पाइप लाइनें तो पहले से ही हैं। अब प्रत्येक गांव में करीब 35-35 किलोमीटर लंबी सीवरेज की लाइन भी बिछाई जाएंगी। जिन स्थानों पर पेयजल की सप्लाई की सुविधा सही नहीं है, उसे भी दुरुस्त किया जाएगा। तीनों गांवों के एस्टीमेट बनाकर जनस्वास्थ्य विभाग ने अप्रूवल के लिए सरकार को भेज दिए हैं। संवाद
70 करोड़ रुपये से ज्यादा होंगे खर्च
गांव कौल, फरल व फतेहपुर में महाग्राम योजना के तहत किए जाने वाले पेयजल और सीवरेज लाइन से संबंधित कार्यों पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से प्रत्येक गांव में कार्यों पर आने वाली लागत 23 से 24 करोड़ रुपये तक रहेगी। हालांकि पेयजल सप्लाई पर लागत कम रहेगी, लेकिन विभाग ने सीवरेज और पेयजल सप्लाई दोनों को मिलाकर खर्च के एस्टीमेट तैयार कर अप्रूवल के लिए भेेजे हैं।
तीनों गांवों मे करीब 55 हजार आबादी को मिलेगा फायदा
महाग्राम में आने के बाद तीनों गांवों की करीब 55 हजार आबादी को फायदा होगा। एक और जहां गांव फतेहपुर की आबादी 25 हजार के करीब है। वहीं गरांव कौल और फरल में भी 15-15 हजार से ज्यादा ग्रामीण हैं। इनमें आधे से ज्यादा ग्रामीण ऐसे हैं जिनको बरसात के मौसम में निकासी सही न होने के कारण गलियों में जमा गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है। ऐसे में योजना के तहत निकासी का कार्य होने से लोगों को गलियों में जमा होने वाले गंदे पानी और कीचड़ से निजात मिलेगी। संवाद
गांव कौल में होने वाले कार्य को पहले मिल सकती है अप्रूवल
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन करणवीर सिंह ने कहा कि तीनों गांवों में होने वाले कार्यों के एस्टीमेट अप्रूव होने हैं। गांव कौल में अगले महीने तक कार्य की अप्रूवल मिलने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद जिस गांव का एस्टीमेट पहले अप्रूव होगा, उसी के अनुसार कार्य होगा।
गांवों में निकासी व्यवस्था कई वर्षों से बदहाल
पूंडरी(नरेंद्र राणा)। पूंडरी क्षेत्र के बड़े गांवों में शुमार फतेहपुर, फरल व कौल में वर्तमान में पानी निकासी की व्यवस्था बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों धर्मपाल राणा, कंवरपाल राणा, रामगोपाल राणा, नरेंद्र भारद्धाज, जसवंत विर्क, तरसेम भट्ट, रमेश, सोनू, गुरमहेंद्र पाल, डॉ. कुलदीप सिंह व प्रीति डोलिया ने बताया कि फरल गांव में हल्की सी बरसात में ही गलियों में पानी जमा हो जाता है। जो कई दिनों तक जमा रहता है। गांव फरल की वाल्मीकि बस्ती व पानी की टंकी वाली गली में तो कई फीट तक पानी जमा हो जाता है। गांव में ढाई किलोमीटर का फोरलेनिंग का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन जो नाला बनाया गया है वो गंदगी से अटा पड़ा है। वहीं फतेहपुर गांव में भी निकासी की विकट समस्या है। फतेहपुर में आस पास के दर्जनों गांवों की कुलदेवी का मंदिर है। दुर्भाग्य से मनसा देवी मंदिर के मुख्य द्वार के आगे कई फीट नालियों का गंदा पानी जमा रहता है। सिनेमा मार्केट के साथ लगती गलियां हर समय नालियों के ओवर फ्लो होने के कारण गंदे पानी व गंदगी से अटी रहती है। ऐसे ही हालात गांव कौल में भी कई सड़कों के हैं।