सीवन। करीब 10 वर्षों से सीवरेज प्रणाली शुरू होने का इंतजार कर रहे सीवन नगरवासियों को अब जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। वर्षों से अधूरी पड़ी सीवरेज परियोजना को अब विभाग द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है।
नगर की गलियों में पहले ही पाइपलाइन बिछाई जा चुकी थी, लेकिन सीवरेज सिस्टम को सक्रिय न किए जाने के कारण गंदे पानी की निकासी संभव नहीं हो पा रही थी। इसका नतीजा यह हुआ कि गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदे पानी का जमाव बना रहता था, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
आईपीएस के चालू होने से मिला बड़ा राहत संकेत ः अब इंटरसेप्टर पंप स्टेशन (आईपीएस) का कार्य पूर्ण कर उसे सक्रिय कर दिया गया है, जिससे नगर में स्थित तालाबों और गलियों में भरे गंदे पानी को पंप के जरिए सीवरेज ड्रेन में डाला जा रहा है। इससे जलभराव की समस्या में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।
नगरवासियों में अब विश्वास जगा है कि घर-घर की निकासी समस्या भी जल्द समाप्त हो जाएगी। हालांकि एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का कार्य अभी अधूरा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों के अनुसार यह कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
एसडीओ ने नगरवासियों से अपील की है कि जिनके क्षेत्रों में कवर हट चुके हैं, वे जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में संपर्क करके जरूरी दस्तावेज जमा कराएं ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सीवरेज कनेक्शन प्रदान किया जा सके। संवाद
करीब 60% क्षेत्रों में हट चुके हैं सीवरेज कवर
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ इंद्राज सिंह ने बताया कि सीवरेज प्रणाली को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि नगर में लगभग 60 प्रतिशत स्थानों पर सीवरेज कवर हटा दिए गए हैं, और जिन क्षेत्रों में यह कवर हट चुके हैं, वहां के निवासी विभाग से संपर्क कर सीवरेज कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
फिलहाल आईपीएस से शुरू हुई निकासी व्यवस्था
जब तक एसटीपी पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक आईपीएस के माध्यम से आंशिक निकासी व्यवस्था से लोगों को राहत दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह काम सीवरेज प्रणाली के अंतिम चरण में
प्रवेश का संकेत है और शीघ्र ही सीवन नगरवासियों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से पूर्ण राहत मिलेगी।