कैथल। नगर परिषद चुनाव का बिगुल बज चुका है। वार्ड बंदी के कारण कई उमीदवारों के समीकरण बन गए है तो कई उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ गए। 31 वार्ड में से वार्ड नंबर-3 से सुभाष नगर कट चुका है। जबकि वार्ड नंबर तीन में मलिक नगर आने से वोट भी जुड़ गए है। वार्ड नंबर तीन की वार्ड बंदी से निवर्तमान पार्षद का वोट भी वार्ड नंबर चार में चला गया है। वार्ड में कुल 2643 वोट है। जिसमें 1370 पुरुष और 1273 महिलाएं है। वार्ड के लोग इस बार युवा को मैदान में उतारने का मन बना चुके है। वार्ड में अभी तक केवल एक की उम्मीदवार प्रचार अभियान में जुटा है। बाकी उम्मीदवार भी मैदान में आ सकते है। वार्ड में मलिक नगर, खुराना रोड, नानकपुरी कॉलोनी शामिल है।
वार्ड में यह है समस्याएं-
1. वार्ड में पीने के पानी भारी समस्या है।
2. कालोनी वासियों के घरों तक पानी नहीं जा रहा है।
3. वार्ड की गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं है।
4. वार्ड में करीब 8 गलियां बिलकुल कच्ची पड़ी है।
5. बिना मोटर के एक भी घर में पानी नहीं पहुंचता है।
6. वार्ड में नहरी पानी नहीं है। भूमिगत पानी पीने योग्य नहीं है।
7. घरों में पानी न पहुंचने के कारण घरों से दूर सबमर्सिबल से पानी लेकर आती है महिलाएं।
8. सड़क बिलकुल टूट चुकी है, लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है।
9. पूरे वार्ड में सीवरेज व्यवस्था सुचारु रूप से काम नहीं कर रही है।
वार्ड की सड़कों पर करोड़ों हुए खर्च-
वार्ड में सड़कों पर करोड़ों रुपये खर्च हुए है। वार्ड में करीब 35 सड़कें बनाई गई है। लेकिन सीवरेज व्यवस्था ठप होने के कारण सड़कें बीच से टूट गई है। वार्ड में कई मकान सड़क से नीचे है। जिसके लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर वार्ड में कई गलियां काफी ऊंची है। जिसके कारण वहां तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
गंदे पानी के कारण कालोनी वासी परेशान-
महिला ईश्वरो देवी, अनिल कुमार, राजपति, असफीस, बिमला, संतोष, अर्जुन बोत्ती, सालू , ओमप्रकाश, किरण ने बताया कि वार्ड में बिलकुल गंदा पानी आ रहा है। पानी करीब एक सप्ताह के बाद कल शाम को आया था। वह पानी पीने के लिए सही नहीं है। उन्होंने बताया कि सीवरेज का पानी पेयजल में मिल रहा है। गलियों में पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है।
वार्ड में पीने के पानी, निकासी, स्ट्रीट लाइट सहित कई समस्याएं है। जिसको प्राथमिकता के आधार पर दूर करवाना उनका प्रयास रहेगा। उन्होंने बताया कि वार्ड की कई गलियां कच्ची है ओर कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है।
अमर जीत