संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा रोडवेज की बसों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली आधे किराये की रियायत के लिए बनाए जाने वाले पास फिलहाल तकनीकी कारणों से नहीं बन पा रहे हैं, जिससे बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार की योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और 65 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को हरियाणा रोडवेज की बसों में यात्रा के दौरान किराये में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है।
इसके लिए उन्हें रियायती बस पास बनवाना होता है लेकिन बीते कुछ समय से पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते बुजुर्गों को बार-बार डिपो के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पास न बन पाने की स्थिति में उन्हें पूरी राशि चुकाकर यात्रा करनी पड़ रही है या फिर मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। बस पास के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदन के बाद आवेदक के मोबाइल पर मैसेज आता है, जिसके बाद वे संबंधित बस स्टैंड जाकर अपना पास प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल 65 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए थी, लेकिन अब सरकार ने आयु सीमा घटाकर महिलाओं के लिए 60 और पुरुषों के लिए 65 वर्ष निर्धारित कर दी है। बुजुर्ग महिलाओं को बस पास की आवश्यकता नहीं है वे अपने आधार कार्ड के माध्यम से ही 50% किराया छूट का लाभ ले सकती हैं।
यह भी जानकारी मिली थी कि रोडवेज बसों में बुजुर्गों को अगर आधे किराये में सफर करना है, तो उन्हें वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र की जगह नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) लेना होगा। आधे किराये में हरियाणा रोडवेज बस में सफर करने के लिए बुजुर्गों को एनसीएमसी रिचार्ज कराना होगा।
नए बस अड्डे पर स्थित पास काउंटर के प्रभारी राजेश ने बताया कि पोर्टल हमेशा बंद नहीं रहता, कभी-कभी तकनीकी समस्या आ जाती है।
उन्होंने कहा कि पोर्टल चालू होता है, वरिष्ठ नागरिकों के पास नियमित रूप से बनाए जा रहे हैं। बुजुर्गों ने मांग की है कि व्यवस्था को सुचारू किया जाए ताकि उन्हें डिपो के चक्कर न लगाने पड़ें और वे सुविधा के साथ यात्रा कर सकें।