कैथल। अस्पतालों की नर्सें दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटी रहती हैं। वे मरीजों को शीघ्र स्वस्थ होने का विश्वास दिलाती हैं। मदर्स डे पर नर्सों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी सफलता और सेवा भावना के पीछे उनकी मां का सबसे बड़ा योगदान है। संवाद
मां का आशीर्वाद बड़ी शक्ति
मरीजों की सेवा करके मुझे आत्मिक संतोष मिलता है। मेरी मां ने हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित किया, जिससे मैं आत्मनिर्भर और मजबूत बनीं। आज मैं जो भी हूं, वह मेरी मां के आशीर्वाद परिणाम है। -आशा, नर्स, पीएचसी टीक
नर्सिंग सेवा का माध्यम है
नर्सिंग केवल नौकरी नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। जब कोई मरीज दर्द में होता है तो उसे सबसे पहले सहारे की जरूरत होती है। ऐसे समय में हम मरीजों को परिवार की तरह हौसला देती हैं। सेवा और धैर्य का गुण मुझे अपनी मां से मिला है, जिन्होंने हमेशा दूसरों की मदद करना सिखाया। -नितिन, स्टाफ नर्स, जिला नागरिक अस्पताल
इंसानियत सबसे बड़ा धर्म
अस्पताल में कई मरीज मानसिक रूप से परेशान आते हैं। उन्हें हिम्मत देने का प्रयास किया जाता है। एक मुस्कान और अच्छा व्यवहार मरीज को सकारात्मक महसूस कराता है। मेरी मां ने सिखाया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और उसी सीख से वे कार्य में ईमानदारी से आगे बढ़ती हैं। -ज्योति रानी, स्टाफ नर्स, जिला नागरिक अस्पताल
मरीज बन जाते हैं परिवार जैसे
नर्स का काम केवल दवा देना नहीं होता, बल्कि मरीज की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखना भी जिम्मेदारी है। कई मरीज उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानने लगते हैं। मेरी मां ने मुझे धैर्य और विनम्रता से काम करना सिखाया। मुझे बेस्ट स्टाफ नर्स का पुरस्कार भी मिल चुका है।
-परविंदर, नर्स, जिला नागरिक अस्पताल
सेवा में मिलता है आत्मिक संतोष
स्वास्थ्य सेवा में संवेदनशीलता जरूरी है। मरीजों के दर्द को समझना एक बड़ी जिम्मेदारी है। जब मरीज स्वस्थ होकर मुस्कुराते हुए घर लौटते हैं, तो सबसे अधिक खुशी मिलती है। मेरी मां ने हमेशा मेहनत, ईमानदारी और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया। -स्वीटी, नर्स, जिला नागरिक अस्पताल
मां के साथ नितिन। स्वयं
मां के साथ नितिन। स्वयं
मां के साथ नितिन। स्वयं
मां के साथ नितिन। स्वयं