सीवन। नगरपालिका सीवन का दर्जा भंग करने को लेकर अब नगर में दो गुट बन गए हैं। एक तरफ जहां एक गुट सीवन नगरपालिका के दर्जे को भंग करने के लिए धरना दे रहा हैं। वहीं, अब दूसरा गुट नगर पालिका बनाए रखने के समर्थन में आया है। इसी कड़ी में इस गुट ने किरणपाल बंसल के कार्यालय में बैठक की है। इसमें पूर्व सरपंच सीवन सतीश मुंजाल ने कहा कि जो लोग नगरपालिका का विरोध कर रहे हैं, वे केवल अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उन्हें सीवन के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग अपनी राजनीति के चक्कर में जनता को काफी टैक्स लगने की बात करके बरगला रहे है जबकि नगरपालिका में कोई ज्यादा टैक्स नहीं होते। उन्होंने कहा कि गुहला चीका और कैथल में नगरपालिका बनने के बाद अधिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के पास विकास के लिए सीमित संसाधन होते है और वह चाह कर भी विकास नहीं करवा सकती। ग्राम पंचायत को ग्रांट के लिए विधायक और मंत्री पर निर्भर रहना पड़ता है। दूसरी ओर नगरपालिका का अपना अलग से एक बजट होता है। जिससे वह नगर की सफाई व्यवस्था से लेकर गलियों के निर्माण तक बहुत से काम करवा सकती है। नगरपालिका आने से सीवन में जो सीवरेज की बड़ी समस्या है, उसका समाधान जल्द हो जाएगा। मुंजाल ने कहा कि जो लोग नगरपालिका का विरोध कर रहे हैं वह कहते है कि हमारी एक जिला परिषद, चार ब्लाक समिति की सीट खत्म हो गई। उनको सिर्फ अपने पदों की चिंता है न की सीवन के विकास की। इन्हीं कारणों से यह लोग नगरपालिका का विरोध कर रहे है। उन्होंने कहा कि यह जो लोग नगरपालिका का विरोध कर रहे है उनमें से 90 प्रतिशत को तो यह भी नहीं पता कि नगरपालिका के नुकसान क्या हैं और कौन-सा टैक्स लगा है। वह सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही नगर निवासियों को साथ लेकर प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर सीवन में जल्द नगरपालिका चुनाव करवाने का अनुरोध करेंगे ताकि नगर के विकास के लिए जल्द लोगों को उनकी छोटी सरकार मिले। इस मौके पर पूर्व सरपंच पृथ्वी राणा, ऋषिकेश शर्मा, संजीव बंसल, सुभाष भगत, नरेश मिढा, कृष्ण बंसल, सतीश गोयल मौजूद रहे।
विरोध में धरना नौंवी दिन भी जारी
सीवन। सीवन नगरपालिका भंग करने की मांग पर नगरपालिका कार्यालय के मुख्य द्वार पर चल रहे धरने में लोगों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को यह धरना नौवें दिन भी जारी रहा। नगरपालिका हटाओ गांव बचाओ समिति के प्रधान अमरेंद्र खारा, अमृत लाल, पाला सौदा, बलदेव सिंह बल्ली, यशपाल राणा ने कहा कि पिछले नौ दिन से वह धरना दे रहे हैं परंतु अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। दावा किया कि जनता का समर्थन तो हमें मिल रहा है, लेकिन प्रशासन इस मुद्दे पर अभी तक मौन है। सरकार को चाहिए कि ग्रामीणों की मांग पर कार्रवाई की जाए और सीवन को दोबारा से गांव का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो इसका फैसला जनता पर भी छोड़ सकती है। जनमत के माध्यम से इसका फैसला किया जा सकता है। यदि जनमत नगरपालिका के खिलाफ आता है तो इसे भंग किया जाना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर सुरेन्द्र नागपाल, पिरथी सैनी, सिन्दा राणा, राज कुमार सैनी, प्रेम शर्मा, राम दिता वधवा, सुरेश मेहता सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।