गुहला-चीका। कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम को झुनझुना देने के प्रयास के मामले में पुलिस ने एसडीएम की शिकायत को असंज्ञेय अपराध माना है। इसका अर्थ है कि इसे संगीन अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। फिलहाल कांग्रेस विधायक के खिलाफ सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। पुलिस ने शिकायत को रोजनामचा में दर्ज करके न्यायपालिका से आगामी कार्रवाई की अनुमति मांगी है। इस अनुमति के मिलने और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि एफआईआर दर्ज होगी या नहीं।
मामला ः चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट करने के बाद कुछ लोगों ने शिकायत दी। मामला विधायक देवेंद्र हंस तक पहुंचा। उन्होंने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विधायक बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए झुनझुना देने का प्रयास किया। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने इस घटना की शिकायत पुलिस को दी। डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि शिकायत असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है। पुलिस अब न्यायालय से अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई करेगी। संवाद
मामले में जांच पूरी होने और कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही यह तय होगा कि विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी या नहीं। - कुलदीप बेनीवाल, डीएसपी, गुहला।