संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को तेज गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति के साथ सख्ती लागू कर दी है। अब टीबी मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की भी अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की जाएगी। विभाग का मानना है कि एक ही वातावरण में लंबे समय तक रहने से टीबी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए परिवार के प्रत्येक सदस्य की जांच जरूरी है।
जिले में इस समय करीब दो हजार सक्रिय टीबी मरीज हैं। बढ़ते संक्रमण की चेन को समय रहते तोड़ने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों और आशा वर्करों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आशा वर्कर घर-घर जाकर टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान करेंगी और उन्हें जांच के लिए प्रेरित करेंगी।
विभाग ने टीबी मरीजों व उनके परिवारों से अपील की है कि जांच करवाने में हिचकिचाएं नहीं और उपचार पूरा होने तक नियमित रूप से दवा लें। अधूरी दवा छोड़ने से बीमारी दोबारा सक्रिय होने का खतरा बढ़ जाता है। विभाग जल्द ही टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएगा। स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक सभाओं के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, पहचान और बचाव के उपाय बताए जाएंगे।
टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करेंगी। लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा जाएगा। -डॉ. संदीप बातिश, नोडल अधिकारी, टीबी मुक्त अभियान, कैथल
जिले में टीबी जांच के लिए केंद्रों की सूची
टीबी यूनिट
स्वास्थ्य केंद्र का नाम
यूनिट-1 कैथल
जिला नागरिक अस्पताल, पुराना नागरिक अस्पताल, शहरी पीएचसी
शक्ति नगर, शहरी पीएचसी पटेल नगर
यूनिट-2 पूंडरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूंडरी, पीएचसी हाबड़ी, पीएचसी पाई,
पीएचसी मूंदड़ी
यूनिट-3 सीवन
सीएचसी सीवन, पीएचसी पाडला, पीएचसी क्योड़क
यूनिट-4 गुहला सीएचसी गुहला, पीएचसी कांगथली, पीएचसी खरकां, पीएचसी भागल,
पीएचसी अगौंध
यूनिट-5 कलायत कौल
सीएचसी कलायत, सीएचसी कौल, पीएचसी बालू,
पीएचसी देबवन, पीएचसी बात्ता, पीएचसी सजूमा, पीएचसी ढांड,
पीएचसी रसीना, पीएचसी टीक, पीएचसी फरल
यूनिट-6 राजौंद सीएचसी राजौंद, पीएचसी करोड़ा, पीएचसी किठाना, पीएचसी जाखौली